पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: मतदान के अंतिम चरण में बीजेपी और TMC के बीच कड़ी टक्कर

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के अंतिम चरण में मतदान जारी है, जिसमें बीजेपी और TMC के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है। पहले चरण में रिकॉर्ड मतदान के बाद, दूसरे चरण में भी उच्च मतदान की उम्मीद है। केंद्रीय मंत्री सुकांता मजूमदार ने बीजेपी की जीत का दावा किया है, जबकि टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने मतदान के दौरान हुई हिंसा पर गुस्सा व्यक्त किया है। जानें इस चुनावी माहौल की पूरी जानकारी।
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पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए मतदान अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। बुधवार को दूसरे और अंतिम चरण की वोटिंग शुरू हुई, जिसमें 294 में से 142 सीटों पर सुबह 7 बजे से मतदान की प्रक्रिया आरंभ हुई। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी के बीच सीधी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है। बीजेपी राज्य में पहली बार सरकार बनाने का प्रयास कर रही है। हालांकि, कांग्रेस और CPI भी चुनावी मैदान में हैं, लेकिन मुख्य मुकाबला TMC और बीजेपी के बीच ही माना जा रहा है।


पहले चरण की सफलता

पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों पर मतदान हुआ था, जिसमें रिकॉर्ड 93.17% वोटिंग दर्ज की गई। अब दूसरे चरण में भी इसी तरह की उच्च मतदान दर की उम्मीद की जा रही है। दोनों पार्टियां, TMC और बीजेपी, अपने पक्ष में सकारात्मक माहौल बनाने का दावा कर रही हैं। अंतिम चरण में दक्षिण बंगाल की सीटों पर मतदान हो रहा है, जहां पिछले 15 वर्षों से TMC का वर्चस्व रहा है। 2021 के चुनाव में बीजेपी ने उत्तर बंगाल में अच्छा प्रदर्शन किया था, लेकिन दक्षिण बंगाल में उसे अपेक्षित सफलता नहीं मिली थी।


मतदान के आंकड़े

पश्चिम बंगाल में शाम 6 बजे तक के मतदान के आंकड़े सामने आ चुके हैं, जिसमें कुल 142 सीटों के लिए 91.41 प्रतिशत वोटिंग हुई है।


बीजेपी की जीत का दावा

केंद्रीय मंत्री सुकांता मजूमदार ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि जनता ने इस बार बीजेपी के पक्ष में मतदान किया है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी के खिलाफ लोगों ने भारी मतदान किया है, जिससे बीजेपी को लाभ मिलने की संभावना है। उनका दावा है कि बीजेपी 170 से अधिक सीटों के साथ सरकार बनाएगी।


अभिषेक बनर्जी का गुस्सा

टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया पर एक घटना का जिक्र किया, जिसमें एक बुजुर्ग व्यक्ति अपने बेटे के साथ वोट डालने गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय बलों ने बुजुर्ग को धक्का दिया, जिससे वह गिर पड़े और अस्पताल पहुंचने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। उन्होंने कहा कि यह घटना नागरिकों के खिलाफ हिंसा का एक उदाहरण है।