सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट, वैश्विक बाजारों का असर

सोने और चांदी की कीमतों में हालिया गिरावट वैश्विक बाजारों की कमजोरी और अमेरिका-ईरान के बीच संघर्ष विराम समझौते की अनिश्चितता के कारण हुई है। दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने की कीमत 1,850 रुपये घटकर 1.59 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई, जबकि चांदी की कीमत में भी 1,500 रुपये की कमी आई। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक स्थिति और ब्याज दरों के प्रभाव से कीमती धातुओं की कीमतों में बदलाव आ रहा है। आगे की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है।
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सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट, वैश्विक बाजारों का असर gyanhigyan

सोने और चांदी की कीमतों में कमी

बुधवार को वैश्विक बाजारों में कमजोरी और अमेरिका-ईरान के बीच संघर्ष विराम समझौते की अनिश्चितता के चलते सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट आई। दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने की कीमत 1,850 रुपये घटकर 1.59 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। इसी तरह, चांदी की कीमत में भी 1,500 रुपये की कमी देखी गई।


सोने की कीमतों में गिरावट

अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 1,850 रुपये यानी 1.14 प्रतिशत घटकर 1,59,600 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) रह गई। इससे पहले मंगलवार को सोने की कीमत 1,61,450 रुपये प्रति 10 ग्राम थी।


चांदी की कीमतों में भी कमी

सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी गिरावट आई। चांदी 1,500 रुपये यानी 0.55 प्रतिशत घटकर 2,69,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। पिछले कारोबारी सत्र में चांदी की कीमत 2,71,000 रुपये प्रति किलोग्राम थी। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक स्थिति और निवेशकों की बदलती रणनीतियों का असर कीमती धातुओं की कीमतों पर पड़ रहा है।


अंतरराष्ट्रीय संकेतों का प्रभाव

लेमन मार्केट्स डेस्क के रिसर्च एनालिस्ट गौरव गर्ग के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और ब्याज दरों के लंबे समय तक ऊंचे बने रहने की आशंका ने सोने और चांदी पर दबाव डाला है। जब ब्याज दरें ऊंची होती हैं, तो निवेशक सोने जैसी गैर-ब्याज देने वाली संपत्तियों से दूर हो जाते हैं।


अंतरराष्ट्रीय बाजार में गिरावट

अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोने की कीमत 0.54 प्रतिशत घटकर 4,463.84 डॉलर प्रति औंस हो गई। चांदी की कीमत में लगभग 1 प्रतिशत की कमी आई और यह 74.43 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही है।


भविष्य की संभावनाएं

मिराए एसेट शेयरखान के कमोडिटी प्रमुख प्रवीण सिंह का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर अभी भी स्पष्टता नहीं है। इस कारण निवेशकों में सतर्कता बनी हुई है और सोने की कीमतों पर दबाव देखा जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में भू-राजनीतिक घटनाक्रम, अमेरिकी ब्याज दरों से जुड़े संकेत और वैश्विक आर्थिक आंकड़े सोने-चांदी की दिशा तय करेंगे। निवेशकों को बाजार की गतिविधियों पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है।