सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी: जून 2026 में रिडेम्प्शन का मौका
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेशकों के लिए नई जानकारी
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) में निवेश करने वाले व्यक्तियों के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने जून 2026 के लिए प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन का कार्यक्रम जारी किया है। जो निवेशक 2019 से 2021 के बीच जारी विभिन्न SGB श्रृंखलाओं में निवेश कर चुके हैं, वे अब निर्धारित नियमों के अनुसार मैच्योरिटी से पहले अपने बॉंड को भुना सकते हैं.
रिडेम्प्शन प्रक्रिया और समय सीमा
RBI ने स्पष्ट किया है कि निवेशकों को अपनी रिडेम्प्शन अनुरोध समय सीमा के भीतर जमा करनी होगी। आवेदन बैंक, डाकघर, NSDL, CDSL या RBI Retail Direct प्लेटफॉर्म के माध्यम से किया जा सकता है। यदि समय सीमा चूक जाती है, तो आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा.
जून 2026 में रिडेम्प्शन की तारीखें
RBI के कैलेंडर के अनुसार, 2021-22 श्रृंखला II का प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन 1 जून 2026 को होगा। इसके लिए आवेदन 30 अप्रैल से 22 मई 2026 तक किए जा सकते थे। इसी तरह, 2021-22 श्रृंखला III का रिडेम्प्शन 8 जून 2026 को निर्धारित है, जिसके लिए आवेदन 8 मई से 29 मई 2026 तक स्वीकार किए गए। 2019-20 श्रृंखला VII का रिडेम्प्शन 10 जून और श्रृंखला I का रिडेम्प्शन 11 जून 2026 को होगा। इसके अलावा, 2020-21 श्रृंखला III के निवेशक 16 जून 2026 को अपने बॉंड भुना सकेंगे। RBI ने यह भी बताया है कि किसी अप्रत्याशित अवकाश की स्थिति में तारीखों में बदलाव संभव है.
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड क्या है?
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड भारत सरकार द्वारा RBI के माध्यम से जारी एक निवेश साधन है। यह सोने के ग्राम में मूल्यांकित होता है और फिजिकल गोल्ड खरीदने का विकल्प प्रदान करता है। निवेशक को सोने की कीमत में वृद्धि का लाभ मिलता है, साथ ही निश्चित ब्याज भी प्राप्त होता है.
रिडेम्प्शन मूल्य निर्धारण
SGB की रिडेम्प्शन कीमत 999 शुद्धता वाले सोने की कीमत के आधार पर निर्धारित की जाती है। RBI के नियमों के अनुसार, रिडेम्प्शन से पहले के तीन कार्य दिवसों के औसत क्लोजिंग प्राइस को आधार बनाया जाता है, जो इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी की जाती है.
निवेशकों को मिलने वाला ब्याज
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड पर निवेशकों को 2.5 प्रतिशत सालाना की निश्चित ब्याज दर मिलती है। यह ब्याज हर छह महीने में सीधे बैंक खाते में जमा किया जाता है। अंतिम ब्याज भुगतान बॉंड की मैच्योरिटी या रिडेम्प्शन के समय मूलधन के साथ किया जाता है.
निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण सलाह
RBI के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 में कुल 33 SGB श्रृंखलाएं प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन के लिए पात्र होंगी। इसलिए, निवेशकों को अपनी श्रृंखला और आवेदन की अंतिम तारीख की जांच करनी चाहिए, ताकि वे समय पर रिडेम्प्शन का लाभ उठा सकें.
