शेयर बाजार में तेजी: निवेशकों की संपत्ति में 1.90 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि

शुक्रवार को शेयर बाजार ने निवेशकों को राहत दी, जब सेंसेक्स और निफ्टी में तेजी आई। इस दिन निवेशकों की संपत्ति में 1.90 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। बाजार खुलते ही सेंसेक्स 477 अंक और निफ्टी 130 अंक चढ़ गए। इसके साथ ही, रुपये में भी सुधार देखने को मिला, जो अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ। जानें इस दिन के प्रमुख आंकड़े और बाजार की स्थिति।
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शेयर बाजार में राहत की सुबह

शुक्रवार की सुबह शेयर बाजार ने निवेशकों को एक बड़ी राहत दी है। हफ्ते के अंतिम कारोबारी दिन, बाजार में ऐसी रौनक देखने को मिली कि पिछले दिन की बिकवाली का डर पल भर में समाप्त हो गया। 22 मई को बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी ने लंबी छलांग लगाई, जिससे निवेशकों की संपत्ति में मिनटों के भीतर भारी इजाफा हुआ।


बाजार में तेजी का रुख

जैसे ही ट्रेडिंग शुरू हुई, दलाल स्ट्रीट पर खरीदारी का माहौल बन गया। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स अपनी पिछली क्लोजिंग से लगभग 477 अंक उछलकर 75,660.17 के स्तर पर पहुंच गया। इस सकारात्मक रुख ने रिटेल निवेशकों को राहत दी।


इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी पीछे नहीं रहा, जिसमें लगभग 130 अंकों की वृद्धि हुई, जिससे यह 23,784.75 के उच्च स्तर को छूने में सफल रहा। यह बढ़त गुरुवार की सुस्ती को पूरी तरह से मिटा देती है, जब सेंसेक्स 135.03 अंक गिरकर 75,183.36 पर बंद हुआ था।


निवेशकों की संपत्ति में वृद्धि

इस तेजी का सीधा असर निवेशकों की जेब पर पड़ा है। आंकड़ों के अनुसार, 21 मई को जब बाजार बंद हुआ, तब बीएसई पर लिस्टेड सभी कंपनियों का कुल मार्केट कैप 4,61,53,456.249 करोड़ रुपये था।


शुक्रवार को बाजार खुलने के कुछ ही मिनटों में यह आंकड़ा बढ़कर 4,63,43,456.93 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जिससे निवेशकों की संपत्ति में 1.90 लाख करोड़ रुपये से अधिक की वृद्धि हुई।


रुपये में सुधार

शेयर बाजार के साथ-साथ करेंसी मार्केट से भी भारत के लिए सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। हाल के दिनों में गिरावट झेल रहा भारतीय रुपया अब धीरे-धीरे मजबूत होता दिख रहा है। शुरुआती कारोबार में, रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 6 पैसे मजबूत होकर 96.30 के स्तर पर पहुंच गया।


20 मई को रुपये ने अपने सबसे निचले स्तर 96.95 प्रति डॉलर को छुआ था, लेकिन केंद्रीय बैंक के संभावित हस्तक्षेप और भू-राजनीतिक तनाव कम होने की खबरों से रुपये में सुधार देखा गया।