वोडाफोन आइडिया को मिली राहत: AGR बकाया 5 साल के लिए टाला गया
केंद्र सरकार का बड़ा फैसला
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने 2025 के अंत में कर्ज में डूबी टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया को एक महत्वपूर्ण राहत प्रदान की है। केंद्रीय कैबिनेट ने कंपनी के एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) बकाये के लिए एक राहत पैकेज को मंजूरी दी है। इस पैकेज के तहत ₹87,695 करोड़ के AGR बकाये को 31 दिसंबर 2025 तक स्थगित कर दिया गया है। यह राशि अब FY 2031-32 से FY 2040-41 के बीच किस्तों में चुकाई जाएगी, और इस दौरान कोई ब्याज नहीं लगेगा।
राहत पैकेज की मुख्य बातें
- बकाया फ्रीज: कुल AGR देयता ₹87,695 करोड़ पर स्थिर।
- मोरेटोरियम: 5 साल की राहत, भुगतान 2031-32 से शुरू।
- पुनर्मूल्यांकन: DoT ऑडिट रिपोर्ट्स के आधार पर बकाये की समीक्षा करेगा, जिसमें ब्याज/जुर्माने में कटौती की संभावना।
- FY17-18 और FY18-19 का बकाया: कोई बदलाव नहीं, FY26 से FY31 तक चुकाना होगा।
- यह फैसला सार्वजनिक हित, टेलीकॉम सेक्टर में प्रतिस्पर्धा बनाए रखने और 20 करोड़ उपभोक्ताओं के हित को ध्यान में रखकर लिया गया।
बाजार पर असर
हालांकि, राहत की इस खबर के बाद बाजार में नकारात्मक प्रभाव देखने को मिला। 31 दिसंबर को वोडाफोन आइडिया के शेयरों में भारी गिरावट आई, जो दिन के दौरान 18% तक गिर गए और अंत में ₹10.76 पर बंद हुए। निवेशकों को उम्मीद थी कि उन्हें ब्याज और जुर्माने पर पूरी छूट मिलेगी, लेकिन पैकेज में केवल स्थगन और संभावित पुनर्मूल्यांकन का प्रावधान है।
शेयरों में तेजी
1 जनवरी 2026 को बाजार खुलते ही शेयरों में तेजी आई। प्रमोटर्स से ₹5,836 करोड़ की पूंजी निवेश की खबर ने शेयरों को 4-5% बढ़ाकर ₹11.20-₹11.24 के स्तर पर पहुंचा दिया। यह निवेश कंपनी की बैलेंस शीट को मजबूत करेगा और भविष्य में निवेश के लिए रास्ता आसान बनाएगा।
विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का मानना है कि यह राहत कंपनी को कुछ समय देगी, लेकिन दीर्घकालिक में फंड जुटाना, 5G रोलआउट और उपभोक्ता आधार बढ़ाना आवश्यक है। टेलीकॉम क्षेत्र में जियो और एयरटेल के दबदबे के बीच वोडाफोन आइडिया की चुनौती जारी है।
