रियल एस्टेट कंपनी Raheja Developers पर ED की नई छापेमारी

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने Raheja Developers के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत नई छापेमारी की है। यह कार्रवाई दिल्ली-एनसीआर में कई स्थानों पर की जा रही है, जिसमें घर खरीदारों के साथ धोखाधड़ी और फ्लैटों की गैर-डिलीवरी का मामला शामिल है। कंपनी ने परियोजना में देरी का कारण सरकारी बुनियादी ढांचे की कमी बताई है। जानें इस मामले में और क्या जानकारी सामने आई है।
 | 
रियल एस्टेट कंपनी Raheja Developers पर ED की नई छापेमारी gyanhigyan

ED की कार्रवाई


प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रियल एस्टेट कंपनी Raheja Developers के खिलाफ एक नई छापेमारी की है, जो कि घर खरीदारों के साथ धोखाधड़ी से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग जांच का हिस्सा है। एजेंसी ने बताया कि दिल्ली-एनसीआर में लगभग सात स्थानों पर कार्रवाई की जा रही है। यह छापेमारी कंपनी, इसके प्रमोटरों और अन्य के खिलाफ जून 2025 में भी की गई थी, जो एक समान जांच का हिस्सा थी।


यह छापेमारी घर खरीदारों के साथ धोखाधड़ी और 'Raheja Revanta' परियोजना में फ्लैटों की गैर-डिलीवरी के मामले में की जा रही है। इस मामले पर Raheja Developers ने एक बयान जारी करते हुए कहा, "परियोजना में देरी मुख्य रूप से आवश्यक सरकारी बुनियादी ढांचे की कमी के कारण है, जबकि EDC/IDC का पूरा भुगतान किया गया है।"


कंपनी ने यह भी कहा कि 61 मंजिला संरचना का कब्जा महत्वपूर्ण सेवाओं जैसे पानी, बिजली, सीवरेज और अग्निशामक प्रणाली के बिना सुरक्षित रूप से नहीं दिया जा सकता।