माइक्रोसॉफ्ट और उबर: AI तकनीक के बढ़ते खर्चों की कहानी
माइक्रोसॉफ्ट ने Claude Code लाइसेंस रद्द किए
प्रमुख अमेरिकी तकनीकी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने अपने अधिकांश डायरेक्ट Claude Code लाइसेंस रद्द करना शुरू कर दिया है। अब, कंपनी अपने इंजीनियरिंग कर्मचारियों को GitHub Copilot CLI की ओर मोड़ रही है। यह बदलाव उस समय आया है जब माइक्रोसॉफ्ट ने AI-सहायता प्राप्त कोडिंग के प्रयोग को बढ़ावा दिया था और छह महीने पहले अपने हजारों डेवलपर्स, प्रोजेक्ट मैनेजर्स, डिजाइनरों और अन्य कर्मचारियों को Claude Code का उपयोग करने की अनुमति दी थी। हालांकि, इस तकनीक को अपनाने की गति उत्साहजनक थी, लेकिन इसके साथ ही खर्च भी काफी बढ़ गया।
कर्मचारियों की AI पर निर्भरता
एक रिपोर्ट के अनुसार, कर्मचारियों द्वारा इस टूल को बड़े पैमाने पर अपनाने के कारण कंपनी को अब उस तकनीक से पीछे हटना पड़ रहा है, जिस पर उसके इंजीनियर निर्भर हो गए थे। फिर भी, इस निर्णय का Anthropic के साथ माइक्रोसॉफ्ट के बड़े व्यावसायिक सौदों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। कंपनी की फाउंडरी डील में Anthropic में 5 बिलियन डॉलर तक का निवेश शामिल है, जो फाउंडरी ग्राहकों को Claude मॉडल्स का उपयोग करने की अनुमति देती है। इसके अलावा, Anthropic की Azure कंप्यूट क्षमता खरीदने की 30 बिलियन डॉलर की प्रतिबद्धता भी बनी रहेगी।
उबर का AI बजट तेजी से खत्म
राइड-हेलिंग कंपनी उबर के मुख्य तकनीकी अधिकारी ने बताया कि कंपनी ने केवल चार महीनों में अपने 2026 के AI कोडिंग टूल्स का पूरा बजट खर्च कर दिया। यह जानकारी इसलिए चौंकाने वाली है क्योंकि उबर ने AI टूल्स को अपनाने के लिए अपने कर्मचारियों को प्रेरित किया था और टीमों को उनके AI टूल्स के उपयोग के आधार पर रैंक करने के लिए आंतरिक लीडरबोर्ड भी बनाए थे।
AI पर जोर देने से बढ़ती लागत
एक रिपोर्ट के अनुसार, माइक्रोसॉफ्ट और उबर में दिखाई दे रहा यह पैटर्न एक ऐसे तनाव की ओर इशारा करता है, जिस पर कार्यस्थल AI से संबंधित चर्चाओं में कम ध्यान दिया गया है। कंपनियां अपने कर्मचारियों को AI के उपयोग के लिए जितना अधिक प्रोत्साहित करती हैं, उनकी लागत उतनी ही तेजी से बढ़ती जाती है।
