भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट, निफ्टी 24,000 के नीचे आया

मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला, जिसमें निफ्टी 24,000 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे चला गया। मासिक F&O एक्सपायरी और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने बाजार पर दबाव डाला। सेंसेक्स 479.26 अंक गिरकर 76,009.70 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 118 अंक की गिरावट के साथ 23,913.70 पर पहुंच गया। जानें इस गिरावट के पीछे के कारण और भविष्य की संभावनाएं।
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भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट, निफ्टी 24,000 के नीचे आया gyanhigyan

भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव

मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। दिनभर की अस्थिरता के बाद, सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान पर बंद हुए। मासिक F&O एक्सपायरी के कारण बाजार पर दबाव इतना बढ़ गया कि निफ्टी 24,000 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे चला गया। निवेशकों में मुनाफावसूली और वैश्विक तनाव को लेकर चिंता स्पष्ट रूप से देखी गई।


बाजार के समापन पर स्थिति

कारोबार समाप्त होने पर बीएसई सेंसेक्स 479.26 अंक यानी 0.63% गिरकर 76,009.70 पर बंद हुआ। इसी तरह, एनएसई निफ्टी 118 अंक की गिरावट के साथ 23,913.70 के स्तर पर पहुंच गया। हालांकि, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में हल्की मजबूती देखने को मिली।


गिरावट वाले प्रमुख शेयर

निफ्टी में सबसे अधिक नुकसान उठाने वाले शेयरों में अपोलो हॉस्पिटल्स, भारती एयरटेल, टीसीएस, विप्रो और ट्रेंट शामिल रहे। इसके विपरीत, अदाणी एंटरप्राइजेज, टाटा मोटर्स, टेक महिंद्रा और नेस्ले जैसे कुछ शेयरों में बढ़त देखने को मिली।


एक्सपायरी डे का प्रभाव

विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार में गिरावट का मुख्य कारण मासिक F&O एक्सपायरी है। एक्सपायरी के दिन ट्रेडर्स अपनी पोजिशन को बड़े पैमाने पर काटते हैं, जिससे बाजार में तेज उतार-चढ़ाव होता है। इस बार भी निवेशकों ने मुनाफावसूली करते हुए बिकवाली को बढ़ा दिया।


अमेरिका-ईरान तनाव का असर

वैश्विक संकेतों का भी बाजार पर प्रभाव पड़ा। हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की उम्मीद से बाजार में तेजी आई थी, लेकिन अब तनाव फिर से बढ़ता दिख रहा है। अमेरिकी कार्रवाई और नए बयानों के बाद निवेशकों की चिंता बढ़ गई, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा।


बैंकिंग और रियल्टी शेयरों में दबाव

सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो FMCG और मेटल सेक्टर को छोड़कर लगभग सभी सेक्टर गिरावट में बंद हुए। खासकर PSU बैंक, प्राइवेट बैंक, रियल्टी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों में दबाव देखने को मिला।


भविष्य की संभावनाएं

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि निफ्टी के लिए 24,100-24,200 का स्तर बेहद महत्वपूर्ण रहेगा। यदि निफ्टी इस स्तर के ऊपर निकलता है, तो बाजार में तेजी लौट सकती है। वहीं, 24,000 के नीचे कमजोरी बढ़ने पर बाजार 23,800 तक गिर सकता है।