भारतीय शेयर बाजार में गिरावट के प्रमुख कारण

भारतीय शेयर बाजार में हाल के दिनों में गिरावट आई है, जिसका मुख्य कारण मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव और महंगे तेल की कीमतें हैं। ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष ने वैश्विक जोखिम को बढ़ा दिया है, जिससे निवेशकों में घबराहट है। इसके अलावा, एचडीएफसी बैंक के चेयरमैन का अचानक इस्तीफा और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने भी बाजार को प्रभावित किया है। जानें इस गिरावट के अन्य प्रमुख कारण और उनके प्रभाव।
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भारतीय शेयर बाजार में गिरावट के प्रमुख कारण

शेयर बाजार में गिरावट का विश्लेषण

भारतीय शेयर बाजार में गिरावट के प्रमुख कारण

भारतीय शेयर बाजार में हाल के दिनों में गिरावट का सामना करना पड़ा है, खासकर जब से मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा है। पिछले तीन कारोबारी सत्रों में तेजी के बाद, गुरुवार को बाजार में फिर से गिरावट आई। इजरायल ने एक महत्वपूर्ण ऑयल और गैस फील्ड पर हमला किया, जिसके परिणामस्वरूप भारतीय शेयर बाजार में और गिरावट आई। मार्च के महीने में घरेलू शेयर बाजार, जिसमें सेंसेक्स और निफ्टी शामिल हैं, लगातार गिरते जा रहे हैं। 19 मार्च को शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स में 2000 अंक और निफ्टी में 600 अंक की गिरावट आई, जिससे निवेशकों के लाखों करोड़ रुपये डूब गए। आइए जानते हैं इस गिरावट के 5 प्रमुख कारण।

ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष, पार्स गैस फील्ड पर हमले ने मिडिल ईस्ट में तनाव को और बढ़ा दिया है। इन हमलों के कारण वैश्विक जोखिम में वृद्धि हुई है, जिससे निवेशकों में घबराहट है। होर्मुज स्ट्रेट पर संभावित प्रभाव के कारण बाजार में गिरावट आई है।

ब्रेंट क्रूड का दाम 112 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है, जो साउथ पार्स पर हमले के बाद रिकॉर्ड तेजी दर्शाता है। भारत का 85% तेल आयात होता है, और अधिकांश तेल होर्मुज स्ट्रेट से गुजरता है। महंगे तेल के कारण महंगाई बढ़ने और व्यापार घाटा बढ़ने की आशंका है, जिससे कंपनियों के लाभ पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। ऑटो, एविएशन, पेंट और केमिकल जैसे क्षेत्रों पर इसका सबसे अधिक असर पड़ा है।

ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष के चलते विदेशी निवेशकों (FII) ने मार्च में हजारों करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं। वैश्विक अनिश्चितता और महंगे तेल के कारण विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। जबकि घरेलू निवेशक (DII) खरीदारी कर रहे हैं, लेकिन FII की बिकवाली ने बाजार पर भारी दबाव डाला है।

एचडीएफसी बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन अटानू चक्रवर्ती ने अचानक इस्तीफा दे दिया, जिससे बाजार में हलचल मच गई। उनके इस्तीफे से बैंक के शेयर में 8 प्रतिशत तक की गिरावट आई।

महंगे तेल के कारण रुपया डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है। महंगाई की आशंका और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को स्थिर रखने की नीति ने भारतीय निवेशकों को चिंतित कर दिया है। इस दौरान बैंकिंग, ऑटो और वित्तीय क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं.