भारतीय ऑटो बाजार ने मई 2026 में तोड़े रिकॉर्ड, 25 लाख से अधिक वाहन बिके

मई 2026 में भारतीय ऑटो बाजार ने अभूतपूर्व सफलता हासिल की, जिसमें 25 लाख से अधिक वाहनों की बिक्री हुई। इस लेख में जानें कि कैसे दोपहिया, पैसेंजर और कमर्शियल वाहनों की बिक्री ने नए रिकॉर्ड स्थापित किए। ग्रामीण क्षेत्रों में आय में वृद्धि और शादी-ब्याह का मौसम भी बिक्री को बढ़ावा देने में सहायक रहा। जानें जून के लिए डीलर्स की सकारात्मक उम्मीदें और बाजार की चुनौतियाँ।
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भारतीय ऑटो बाजार ने मई 2026 में तोड़े रिकॉर्ड, 25 लाख से अधिक वाहन बिके gyanhigyan

भारतीय ऑटो बाजार का ऐतिहासिक प्रदर्शन

महंगाई और ईंधन की कीमतों में वृद्धि के बावजूद, भारतीय ऑटो उद्योग ने मई 2026 में एक नया मील का पत्थर स्थापित किया। इस महीने में कार, बाइक, स्कूटर और अन्य वाहनों की बिक्री ने अभूतपूर्व स्तर को छू लिया। मई में 25 लाख से अधिक वाहनों की बिक्री हुई, जो अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन माना जा रहा है। विशेष रूप से, दोपहिया, पैसेंजर व्हीकल और ट्रैक्टर सेगमेंट ने अपने पुराने रिकॉर्ड को तोड़ दिया है।


बिक्री के आंकड़े

मई 2026 में कुल 25,31,067 वाहनों की रिटेल बिक्री हुई, जबकि पिछले वर्ष इसी महीने में यह आंकड़ा 23,10,451 यूनिट था। इस प्रकार, सालाना आधार पर बिक्री में 9.55 प्रतिशत की वृद्धि हुई। कारों की बिक्री में सबसे अधिक तेजी देखी गई, जिसमें मई 2026 में 4,02,591 कारें बिकीं, जबकि पिछले वर्ष इसी महीने में यह संख्या 3,26,656 थी। इस प्रकार, कार बिक्री में 23.25 प्रतिशत की वृद्धि हुई।


दोपहिया वाहनों की बिक्री में उछाल

दोपहिया वाहनों की बिक्री भी अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। मई में कुल 18,44,947 बाइक और स्कूटर बिके, जबकि पिछले वर्ष यह संख्या 17,15,581 थी। इस सेगमेंट में 7.54 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। ग्रामीण क्षेत्रों में आय में वृद्धि, शादी-ब्याह का मौसम और ईंधन बचाने वाले वाहनों की मांग ने बिक्री को बढ़ावा दिया। इलेक्ट्रिक टूव्हीलर की हिस्सेदारी भी बढ़कर 9.25 प्रतिशत हो गई, जो पिछले वर्ष 6.11 प्रतिशत थी।


तीन पहिया और कमर्शियल वाहनों की बिक्री

तीन पहिया वाहनों की बिक्री 3.56 प्रतिशत बढ़कर 1,11,526 यूनिट पर पहुंच गई। वहीं, कमर्शियल वाहनों की बिक्री 5.29 प्रतिशत बढ़कर 83,823 यूनिट रही। यह दर्शाता है कि माल ढुलाई और इंफ्रास्ट्रक्चर गतिविधियों में भी मजबूती बनी हुई है।


जून के लिए सकारात्मक उम्मीदें

फाडा के अनुसार, जून महीने के लिए डीलर्स का रुख सकारात्मक है। लगभग 50 प्रतिशत डीलर्स को बिक्री में वृद्धि की उम्मीद है। मानसून की अच्छी शुरुआत, खरीफ फसलों की बुआई और ग्रामीण क्षेत्रों में नकदी में वृद्धि से मांग को सहारा मिल सकता है। हालांकि, ईंधन की कीमतें, पश्चिम एशिया की स्थिति और गर्मी की लहर जैसे कारक अभी भी बाजार के लिए चुनौती बने हुए हैं।


मांग की मजबूती

फाडा के अध्यक्ष सी. एस. विग्नेश्वर के अनुसार, ईंधन की कीमतों और वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद, भारतीय ऑटो बाजार ने अपनी मजबूती साबित की है। मई 2026 का प्रदर्शन दर्शाता है कि देश में वाहनों की मांग अभी भी मजबूत बनी हुई है और आने वाले महीनों में भी बाजार में तेजी जारी रह सकती है।