भारत में सेमीकंडक्टर यूनिट्स की स्थापना से बढ़ेगा रोजगार और निवेश
केंद्र सरकार का नया कदम सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग में
केंद्र सरकार ने देश में सेमीकंडक्टर निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को लगभग ₹3,936 करोड़ की लागत से दो नए सेमीकंडक्टर यूनिट्स की स्थापना को मंजूरी दी है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि यह कदम भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में एक मजबूत स्थान दिलाने में सहायक होगा और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र को नई ऊर्जा प्रदान करेगा.
गुजरात में स्थापित होंगे नए प्लांट
जानकारी के अनुसार, ये दोनों सेमीकंडक्टर यूनिट्स गुजरात में स्थापित की जाएंगी। इनसे इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और उच्च तकनीकी उद्योग को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही, इन परियोजनाओं से लगभग 2,230 कुशल पेशेवरों के लिए रोजगार के अवसर भी उत्पन्न होंगे। पहली परियोजना के तहत, Crystal Matrix Limited गुजरात के धोलेरा में एक इंटीग्रेटेड फैसिलिटी स्थापित करेगी, जहां कंपाउंड सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन और ATMP (Assembly, Testing, Marking and Packaging) यूनिट का निर्माण किया जाएगा।
स्वीकृत सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स की संख्या में वृद्धि
दूसरी परियोजना में, Suchi Semicon Private Limited सूरत में एक OSAT (Outsourced Semiconductor Assembly and Test) सुविधा स्थापित करेगी, जहां डिस्क्रीट सेमीकंडक्टर्स का निर्माण और परीक्षण किया जाएगा। इन दो नई मंजूरियों के साथ, भारत में स्वीकृत सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स की कुल संख्या 12 हो गई है। इस मिशन के तहत कुल निवेश लगभग ₹1.64 लाख करोड़ तक पहुंच गया है, जिससे भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर मजबूती मिलने की संभावना है।
सेमीकंडक्टर उद्योग के लाभ
आयात पर निर्भरता में कमी: वर्तमान में, भारत अधिकांश सेमीकंडक्टर का आयात करता है। नए यूनिट्स की स्थापना से इस निर्भरता में कमी आएगी, जिससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी।
आर्थिक विकास और निवेश: सेमीकंडक्टर क्षेत्र बड़े पैमाने पर निवेश को आकर्षित कर रहा है। अनुमान है कि 2030 तक यह क्षेत्र भारत को $110 अरब के बाजार की ओर ले जाएगा।
रोजगार और कौशल विकास: सेमीकंडक्टर उद्योग से विनिर्माण, डिजाइन और सहायक सेवाओं में दस लाख से अधिक कुशल नौकरियों का सृजन होने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय प्रतिभाओं की उपलब्धता को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।
