भारत में नवीकरणीय ऊर्जा से 2030 तक 4.4 मिलियन नौकरियों का सृजन

भारत की नवीकरणीय ऊर्जा योजनाओं के तहत 2030 तक 4.4 मिलियन नौकरियों का सृजन होने की संभावना है। एक अध्ययन के अनुसार, रूफटॉप सोलर इस क्षेत्र में सबसे बड़ा रोजगार सृजनकर्ता होगा, जो कुल नौकरियों का 43 प्रतिशत हिस्सा बनाएगा। जानें कि कैसे विभिन्न स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्रों ने हाल के वर्षों में कार्यबल में वृद्धि की है और किस प्रकार पीएम-कुसुम और अन्य योजनाएं इस दिशा में योगदान दे रही हैं।
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नवीकरणीय ऊर्जा का भविष्य


भारत की नवीकरणीय ऊर्जा की दिशा में बढ़ते कदम 2030 तक 4.4 मिलियन से अधिक नौकरियों का सृजन कर सकते हैं। यह जानकारी ऊर्जा, पर्यावरण और जल परिषद (CEEW) और NRDC इंडिया द्वारा जारी एक अध्ययन में सामने आई है। अध्ययन के अनुसार, रूफटॉप सोलर सबसे बड़ा रोजगार सृजनकर्ता होगा, जो अनुमानित नौकरियों का लगभग 43 प्रतिशत हिस्सा बनाएगा। इस अध्ययन का शीर्षक है, 'ड्राइविंग एनर्जी ट्रांजिशन: वर्कफोर्स, स्किल्स, और जेंडर इन इंडिया'स रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर'। यह सुझाव देता है कि रूफटॉप सोलर भारत के 500 GW गैर-जीवाश्म ईंधन शक्ति क्षमता के लक्ष्य और राष्ट्रीय हाइड्रोजन मिशन के तहत लक्ष्यों से जुड़े लगभग 43 प्रतिशत नौकरियों का हिस्सा हो सकता है।


इस नवीनतम अध्ययन के अनुसार, कुछ स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्रों ने वित्तीय वर्ष 23 से 26 के बीच 6.5 लाख से अधिक श्रमिकों को जोड़ा है, जिसमें रूफटॉप सोलर ने कुल कार्यबल वृद्धि का 62 प्रतिशत योगदान दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, पीएम-कुसुम ने 16.3 प्रतिशत का योगदान दिया, इसके बाद बायोमास पावर ने 12.6 प्रतिशत और ग्राउंड-माउंटेड सोलर ने 6 प्रतिशत का योगदान दिया।