भारत में तेल और गैस की स्थिति: अफवाहों के बीच सच्चाई

भारत में ईरान-अमेरिका युद्ध संकट के बीच तेल और गैस की स्थिति को लेकर कई अफवाहें फैल रही हैं। हालांकि, केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में तेल और गैस की कोई कमी नहीं है। भारत के पास पर्याप्त भंडार है और रिफाइनरियां पूरी क्षमता पर काम कर रही हैं। जानें इस संकट के बीच सरकार की क्या रणनीतियाँ हैं और कैसे वह स्थिति को नियंत्रित कर रही है।
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भारत में तेल और गैस की स्थिति: अफवाहों के बीच सच्चाई

भारत में तेल और गैस की उपलब्धता

भारत में तेल और गैस की स्थिति: अफवाहों के बीच सच्चाई

ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध संकट के बीच, देश के विभिन्न हिस्सों में पेट्रोल पंपों पर भीड़ बढ़ गई है। LPG सिलेंडर की मांग में भी तेजी आई है। अफवाहों के चलते लोग अपनी गाड़ियों की टंकी भरवाने और सिलेंडर खरीदने के लिए दौड़ रहे हैं। कालाबाजारी और जमाखोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारत में तेल और गैस की कोई कमी नहीं है।

केंद्र सरकार ने बताया है कि देश में पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध है। भारत, जो दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रिफाइनर है, 150 से अधिक देशों को पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात करता है। इसके अलावा, 1 लाख से अधिक रिटेल पेट्रोल आउटलेट्स पर सप्लाई सामान्य है। तेल कंपनियां अब पेट्रोल पंपों पर 3 दिन का एडवांस स्टॉक उपलब्ध करवा रही हैं।

भारत के पास तेल का भंडार
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर तनाव के बावजूद, भारत 41 से अधिक देशों से कच्चे तेल का आयात कर रहा है। तेल कंपनियों के पास अगले 60 दिनों का कच्चा तेल पहले से उपलब्ध है। सरकार ने उन दावों को खारिज किया है, जिनमें कहा गया था कि देश में केवल 6 दिन का ऑयल स्टॉक बचा है। वर्तमान में, भारत के पास 74 दिन का तेल भंडार है।

सरकार ने LPG गैस की स्थिति पर भी जानकारी दी है। रिफाइनरियां पूरी क्षमता पर काम कर रही हैं और घरेलू LPG की सप्लाई सामान्य है। जियोपॉलिटिकल हालात के कारण सप्लाई प्रभावित होने की स्थिति में सरकार सक्रिय है। कमर्शियल LPG सप्लाई को 50% तक बढ़ाया गया है।

भारत में रोजाना 50 लाख सिलेंडर की डिलीवरी
भारत अमेरिका, रूस और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों से LPG का आयात कर रहा है। तेल कंपनियां प्रतिदिन 50 लाख से अधिक सिलेंडर की डिलीवरी कर रही हैं। हालांकि, पैनिक बाइंग के कारण सिलेंडरों की मांग 89 लाख तक पहुंच गई थी, जो अब घटकर 50 लाख पर आ गई है। सरकार ने अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।