भारत में एलपीजी संकट के बीच दो महत्वपूर्ण खुशखबरी

भारत में एलपीजी संकट के बीच दो महत्वपूर्ण खुशखबरी आई हैं। 'एमवी सनशाइन' टैंकर ने होर्मुज स्ट्रेट को पार कर लिया है, जिससे 48,456 टन एलपीजी भारत आ रही है। इसके अलावा, गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई वृद्धि नहीं हुई है। जानें इस संकट के बीच भारत ने कैसे अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा किया और बाजार में स्थिरता बनाए रखी।
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भारत में एलपीजी संकट के बीच दो महत्वपूर्ण खुशखबरी gyanhigyan

एलपीजी संकट और भारत की सफलता

दुनिया भर में चल रहे एलपीजी संकट के बीच, भारत से दो अच्छी खबरें आई हैं। मिडल ईस्ट में चल रहे तनाव और संघर्ष के बीच, भारत ने अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पहली खबर यह है कि एलपीजी टैंकर 'एमवी सनशाइन' ने होर्मुज स्ट्रेट को सफलतापूर्वक पार कर लिया है। रिपोर्टों के अनुसार, इस टैंकर के माध्यम से 48,456 टन एलपीजी भारत आ रही है, जो 18 मई तक पहुंचने की उम्मीद है।


भारत में एलपीजी संकट के बीच दो महत्वपूर्ण खुशखबरी


सूत्रों के अनुसार, 'एमवी सनशाइन' को उन जहाजों की सूची में रखा गया था जिन्हें मौजूदा तनाव के कारण विशेष सुरक्षा में रखा गया था। इसके अलावा, तेल कंपनियों ने गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई वृद्धि नहीं की है। कुछ रिपोर्टों में कहा गया था कि 14 किलो वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ सकती है। फारस की खाड़ी में बढ़ते तनाव को देखते हुए, भारत ने अपने ऊर्जा जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए विशेष रणनीति तैयार की है। यह सफलता इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि 'एमवी सनशाइन' गैस का 15वां जहाज है जिसे इस खतरनाक क्षेत्र से सुरक्षित निकाला गया है।


टैंकर की भारतीय सीमा में पहुंचने की उम्मीद

अधिकारियों ने पुष्टि की है कि टैंकर अपने निर्धारित मार्ग पर आगे बढ़ रहा है और इसे भारत तक पहुंचाने के लिए सभी आवश्यक तकनीकी और सुरक्षा सहायता प्रदान की जा रही है। इस जहाज के 18 मई को भारतीय सीमा में पहुंचने की संभावना है। ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के कारण यह आशंका जताई जा रही थी कि होर्मुज स्ट्रेट से एलपीजी की आपूर्ति रुक सकती है, क्योंकि भारत अपनी आवश्यकताओं का एक बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से आयात करता है। सरकार और तेल कंपनियों ने वैकल्पिक उपायों और कूटनीतिक बातचीत के माध्यम से यह सुनिश्चित किया है कि आपूर्ति श्रृंखला बाधित नहीं होगी।


भारतीय बाजार में कीमतों की स्थिरता

वर्तमान में, आपूर्ति को लेकर कोई बड़ा खतरा नहीं है, जिससे देश में गैस की कमी नहीं होगी। तेल कंपनियों ने 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत को पहले के स्तर पर बनाए रखा है। यह सिलेंडर दिल्ली में 3071 रुपये में उपलब्ध है। घरेलू सिलेंडर की कीमतों में भी स्थिरता की उम्मीद है, यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतें स्थिर रहती हैं, तो आम जनता को राहत मिल सकती है। वैश्विक स्तर पर एलपीजी का औसत मूल्य 86.19 रुपये प्रति लीटर है, जबकि भारतीय बाजार में औसत मूल्य 66.73 रुपये प्रति लीटर है। ये आंकड़े ग्लोबल पेट्रोल प्राइसेज द्वारा जारी किए गए हैं।