भारत के फॉरेक्स रिजर्व में गिरावट: RBI की नई रिपोर्ट

भारत के फॉरेक्स रिजर्व में हाल ही में गिरावट आई है, जैसा कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बताया है। 15 मई को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 688.894 अरब डॉलर रह गया, जो कि पिछले सप्ताह की तुलना में 8.094 अरब डॉलर कम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों से अपील की है कि वे विदेश यात्रा कम करें और सोने की खरीदारी से बचें। जानें इस रिपोर्ट में और क्या जानकारी दी गई है और इसके पीछे के कारण क्या हैं।
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भारत के फॉरेक्स रिजर्व में गिरावट: RBI की नई रिपोर्ट gyanhigyan

फॉरेक्स रिजर्व की स्थिति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपीलों के बाद, देश में फॉरेक्स रिजर्व को लेकर लोगों की जिज्ञासा बढ़ गई है। अब आम नागरिक जानना चाहते हैं कि भारत के खजाने में विदेशी मुद्रा की कितनी मात्रा है। भारत उन देशों में से एक है, जिनके पास सबसे अधिक फॉरेक्स रिजर्व हैं। फिर भी, देश में फॉरेक्स रिजर्व को लेकर चिंता बनी हुई है, क्योंकि हम बड़ी मात्रा में आयात करते हैं, जिसके लिए इन रिजर्व की आवश्यकता होती है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) हर सप्ताह फॉरेक्स रिजर्व के आंकड़े जारी करता है। आइए जानते हैं कि RBI ने हाल ही में क्या जानकारी साझा की है।


फॉरेक्स रिजर्व में कमी

RBI ने शुक्रवार को बताया कि 15 मई को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 8.094 अरब डॉलर घटकर 688.894 अरब डॉलर रह गया। इससे पहले, 8 मई को समाप्त सप्ताह में यह भंडार 6.295 अरब डॉलर बढ़कर 696.988 अरब डॉलर हो गया था। इस साल 27 फरवरी को यह भंडार अपने उच्चतम स्तर 728.494 अरब डॉलर पर पहुंच गया था। इसके बाद मध्य पूर्व में संघर्ष के कारण इसमें गिरावट आई, जिससे रुपया दबाव में आ गया और RBI को डॉलर बेचकर विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप करना पड़ा। प्रधानमंत्री मोदी ने 11 मई से नागरिकों से अपील की है कि वे विदेश यात्रा कम करें, ईंधन का उपयोग सीमित करें और एक साल तक सोना न खरीदें।


असेट्स और सोने के भंडार का विवरण

केंद्रीय बैंक के आंकड़ों के अनुसार, 15 मई को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां 6.483 अरब डॉलर घटकर 545.904 अरब डॉलर रह गईं। इन परिसंपत्तियों में नॉन-अमेरिकी करेंसीज (जैसे यूरो, पाउंड और येन) के मूल्य में उतार-चढ़ाव का प्रभाव भी शामिल है। RBI ने बताया कि इस सप्ताह सोने के भंडार का मूल्य भी 1.536 अरब डॉलर घटकर 119.317 अरब डॉलर रह गया। विशेष आहरण अधिकार (SDRs) 49 मिलियन डॉलर घटकर 18.824 अरब डॉलर रह गए। रिपोर्ट के अनुसार, IMF में भारत की आरक्षित स्थिति भी 25 मिलियन डॉलर घटकर 4.85 अरब डॉलर रह गई।