भारत के प्रमुख शहरों में रियल एस्टेट की कीमतों में भारी वृद्धि

भारत के प्रमुख शहरों में रियल एस्टेट की कीमतों में तेजी से वृद्धि हो रही है। बेंगलुरु में 24%, मुंबई में 20% और दिल्ली-NCR में 18% की बढ़ोतरी हुई है। जानें इन शहरों में घर खरीदना अब कितना महंगा हो गया है और इसके पीछे के कारण क्या हैं।
 | 
भारत के प्रमुख शहरों में रियल एस्टेट की कीमतों में भारी वृद्धि gyanhigyan

बड़े शहरों में घर खरीदना हुआ महंगा

देश के प्रमुख शहरों में घर खरीदने का सपना अब तेजी से महंगा होता जा रहा है। विशेष रूप से बेंगलुरु, मुंबई और दिल्ली-NCR जैसे स्थानों पर प्रॉपर्टी की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। रियल एस्टेट कंसल्टेंट की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी-मार्च 2026 की तिमाही में भारत के आठ बड़े शहरों में मकानों की कीमतों में 3% से 24% तक की सालाना बढ़ोतरी हुई है। बेंगलुरु में सबसे अधिक वृद्धि हुई, जहां घरों की कीमतें 24% तक बढ़ गईं।


बेंगलुरु में प्रॉपर्टी की औसत कीमत

आईटी हब बेंगलुरु में आवासीय प्रॉपर्टी की औसत कीमत अब ₹9,785 प्रति वर्ग फुट हो गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि यहां मजबूत नौकरी का बाजार, बड़ी आईटी कंपनियों की उपस्थिति और तेजी से बढ़ते स्टार्टअप इकोसिस्टम ने हाउसिंग डिमांड को काफी बढ़ावा दिया है। यही कारण है कि बेंगलुरु ने अन्य बड़े शहरों को पीछे छोड़ दिया है।


मुंबई में प्रॉपर्टी की कीमतों में वृद्धि

मुंबई महानगर क्षेत्र में घरों की कीमतों में 20% की वृद्धि हुई है। यहां औसत प्रॉपर्टी रेट ₹15,120 प्रति वर्ग फुट तक पहुंच गया है। मुंबई पहले से ही देश के सबसे महंगे रियल एस्टेट बाजारों में से एक है, और अब नई वृद्धि ने आम खरीदारों के लिए स्थिति और कठिन बना दी है।


दिल्ली-NCR में भी कीमतों में तेजी

दिल्ली-एनसीआर में भी घर खरीदना पहले की तुलना में काफी महंगा हो गया है। रिपोर्ट के अनुसार, यहां प्रॉपर्टी की कीमतों में 18% की वृद्धि हुई है, और औसत रेट ₹9,534 प्रति वर्ग फुट तक पहुंच गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, एक्सप्रेसवे, मेट्रो कनेक्टिविटी और लग्जरी हाउसिंग की बढ़ती मांग इसके प्रमुख कारण हैं।


अन्य शहरों में भी बढ़ी कीमतें

पुणे में घरों के दाम 12% और हैदराबाद में 11% बढ़े हैं। इसके अलावा, अहमदाबाद में 8%, कोलकाता में 7% और चेन्नई में 3% की वृद्धि देखी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि रियल एस्टेट बाजार अब पहले से अधिक व्यवस्थित और स्थिर हो चुका है। लोगों का भरोसा बढ़ा है और बेहतर लोकेशन वाले प्रोजेक्ट्स की मांग लगातार बढ़ रही है। सीमित इन्वेंट्री और प्रीमियम हाउसिंग की डिमांड भी कीमतों को ऊपर ले जा रही है।