प्रतापगढ़ में ‘एक जिला एक उत्पाद—थेवा’ पर कार्यशाला का आयोजन

प्रतापगढ़ में आयोजित ‘एक जिला एक उत्पाद—थेवा’ कार्यशाला में युवाओं को स्वरोजगार से संबंधित योजनाओं की जानकारी दी गई। इस कार्यक्रम में 100 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिसमें विभिन्न सरकारी योजनाओं का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया। महाप्रबन्धक और अन्य अधिकारियों ने युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया। जानें इस कार्यशाला के मुख्य बिंदुओं के बारे में।
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प्रतापगढ़ में कार्यशाला का आयोजन


प्रतापगढ़। राज्य सरकार के प्रमुख कार्यक्रम ‘पंच गौरव’ के तहत ‘एक जिला एक उत्पाद—थेवा’ विषय पर शुक्रवार को राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज, प्रतापगढ़ में एक कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में युवाओं को जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र, प्रतापगढ़ द्वारा चलाए जा रहे ओडीओपी नीति, एमएसएमई नीति, निर्यात नीति और रोजगार सृजन से संबंधित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई।


कार्यशाला में मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, विश्वकर्मा युवा उद्यमी प्रोत्साहन योजना, राजस्थान ट्रेड प्रमोशन नीति और डॉ. भीमराव अम्बेडकर उद्यम प्रोत्साहन योजना जैसी स्वरोजगार से संबंधित योजनाओं की विस्तृत जानकारी पॉवर पॉइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से साझा की गई। इस कार्यक्रम में 100 से अधिक युवाओं ने भाग लिया।


महाप्रबन्धक जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र, मंजू माली ने स्वागत भाषण और धन्यवाद ज्ञापन दिया। अग्रणी बैंक के प्रबन्धक, परेश नाथ बेनर्जी ने बैंक द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज की प्राचार्य, अश्मा गौरी खान ने युवाओं को सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में जिला उद्योग एवं वाणिज्य अधिकारी, प्रिन्स परमार भी उपस्थित रहे।


कार्यक्रम की शुरुआत मां शारदे के पूजन से हुई। इस अवसर पर माननीय अतिथियों को थेवा कला की फोटो फ्रेम उपहार में दी गई। कार्यक्रम के आयोजन में प्रशासनिक अधिकारी सुखलाल मईड़ा, सहायक प्रशासनिक अधिकारी नरेन्द्र सालवी, भेरूसिंह भाटी और मुकेश रैदास की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मंच संचालन मनोज सोलंकी ने किया।