पेट्रोल और डीजल की कीमतों में नई वृद्धि, आम जनता की चिंता बढ़ी
ईंधन की कीमतों में वृद्धि
देश में एक बार फिर पेट्रोल और डीजल के दामों में वृद्धि की गई है। दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल की कीमत 91 पैसे प्रति लीटर बढ़ गई है। यह मई महीने में ईंधन की कीमतों में तीसरी बार वृद्धि है। इससे पहले इस सप्ताह में 90 पैसे प्रति लीटर और कुछ दिन पहले 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। लगातार बढ़ती कीमतों ने आम जनता के बीच चिंता का माहौल बना दिया है.
कच्चे तेल की कीमतों का प्रभाव
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि है। पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच अनिश्चितता के कारण वैश्विक तेल बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। भारत अपनी आवश्यकताओं का लगभग 85 प्रतिशत कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में वृद्धि का सीधा असर देश के ईंधन दामों पर पड़ता है। शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत 104 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई, जबकि अमेरिकी WTI क्रूड भी 97 डॉलर प्रति बैरल के करीब कारोबार कर रहा था.
तेल कंपनियों पर दबाव
सरकारी तेल कंपनियां लंबे समय से पेट्रोल और डीजल की कीमतों को स्थिर रखने का प्रयास कर रही थीं। केंद्र सरकार के अनुसार, कंपनियों को हर महीने लगभग 1,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा था। ऐसे में अब कंपनियों ने धीरे-धीरे कीमतों में वृद्धि करने का निर्णय लिया है.
आम जनता पर प्रभाव
पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों का असर केवल वाहन चालकों पर ही नहीं, बल्कि ट्रांसपोर्ट लागत में वृद्धि के कारण खाद्य पदार्थों, सब्जियों और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ता है। इस स्थिति में आने वाले दिनों में महंगाई और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है.
