नेशनल पेंशन सिस्टम में महत्वपूर्ण बदलाव: जानें क्या है नया
नेशनल पेंशन सिस्टम में बदलाव
नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत निवेश करने वाले लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना है। 1 अप्रैल से इस प्रणाली में कुछ महत्वपूर्ण परिवर्तन होने जा रहे हैं। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) के निर्देश पर सेंट्रल रिकॉर्डकीपिंग एजेंसियां (CRAs) और पेंशन फंड अपने सिस्टम को अपडेट कर रहे हैं। इस प्रक्रिया के चलते 9 प्रकार के NPS ट्रांजेक्शन 25 मार्च से 1 अप्रैल 2026 तक अस्थायी रूप से बंद रहेंगे। हालांकि, इस दौरान नई सदस्यता और योगदान पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। सभी सेवाएं 2 अप्रैल से पुनः शुरू होंगी।
बदलावों का कारण:
- निवेश प्रबंधन शुल्क में संशोधन
- पॉइंट ऑफ प्रजेंस (PoP) चार्ज में अपडेट
- मल्टीपल NAV फ्रेमवर्क की शुरुआत, जिसमें एक ही योजना में विभिन्न NAV लागू होंगे।
कौन से ट्रांजेक्शन कब बंद रहेंगे?
- इंटर-सीआरए शिफ्टिंग: 25 मार्च से 1 अप्रैल 2026 तक
- पोर्टफोलियो री-बैलेंसिंग: 28 मार्च से 1 अप्रैल 2026 तक
- सब्सक्राइबर शिफ्टिंग: 27 मार्च (सुबह 10:30 बजे से) से 1 अप्रैल तक
- एरर रेक्टिफिकेशन (GPF विड्रॉल सहित): 31 मार्च (सुबह 10:30 बजे से) से 1 अप्रैल तक
- NPS से UPS माइग्रेशन: 27 मार्च से 1 अप्रैल तक
- वन-वे स्विच: 27 मार्च से 1 अप्रैल तक
- सब्सक्राइबर प्रेफरेंस चेंज: 27 मार्च से 1 अप्रैल तक
- विड्रॉल (Exit, Tier-2, Partial Withdrawal, Family Pension): 27 मार्च से 1 अप्रैल तक
- एनपीएस लाइट से अटल पेंशन में माइग्रेशन: 27 मार्च से 1 अप्रैल तक
मल्टीपल NAV फ्रेमवर्क क्या है?
1 अप्रैल 2026 से एनपीएस योजना में मल्टीपल NAV की शुरुआत होगी, जिसका अर्थ है कि सरकारी और गैर-सरकारी सब्सक्राइबर्स के लिए अलग-अलग NAV लागू होंगे। इससे आईएमएफ (IMF) और PoP चार्ज को सही तरीके से काटा जा सकेगा। यह बदलाव एनपीएस को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए किया जा रहा है।
2 अप्रैल से सामान्य प्रक्रिया शुरू होगी
यदि आपको ऊपर बताए गए ट्रांजेक्शन करने हैं, तो 1 अप्रैल 2026 से पहले दिए गए शेड्यूल के अनुसार उन्हें पूरा कर लें। इसके अलावा, आप विड्रॉल, शिफ्टिंग या प्रेफरेंस चेंज की योजना भी पहले से बना सकते हैं। 2 अप्रैल 2026 से सभी सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहेंगी। नई सदस्यता और नियमित योगदान पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। ये बदलाव एनपीएस को और अधिक उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं।
पेंशन एजेंटों की संख्या में वृद्धि
PFRDA ने एनपीएस तक आम लोगों की पहुंच बढ़ाने के लिए पेंशन एजेंटों की संख्या में वृद्धि की है। अब पॉइंट ऑफ प्रजेंस (PoP) अधिक लोगों और संस्थाओं को एनपीएस की बिक्री और प्रचार के लिए नियुक्त कर सकेंगे। इससे गांवों और छोटे शहरों में रिटायरमेंट प्लानिंग की जानकारी और सुविधा बढ़ेगी। हाल ही में जारी सर्कुलर के अनुसार, PoP अब ‘any other person’ श्रेणी के तहत नए एजेंट्स जोड़ सकते हैं।
नए पेंशन एजेंट बनने के योग्य:
- प्राइमरी एग्रीकल्चरल क्रेडिट सोसाइटीज (PACS)
- मान्यता प्राप्त MSME एसोसिएशंस
- चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (CAs), कंपनी सेक्रेटरीज (CS), कॉस्ट एंड मैनेजमेंट अकाउंटेंट्स
- चार्टर्ड फाइनेंशियल एनालिस्ट्स और सर्टिफाइड फाइनेंशियल प्लानर्स (CFPs)
- बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट सखी या पेंशन सखी
- ग्रामीण डाक सेवक
- डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और फिनटेक कंपनियां
