चना: स्वास्थ्य के लिए अद्भुत लाभ और चने की रोटी बनाने की विधि
चना के स्वास्थ्य लाभ
चना न केवल शरीर को ताकत प्रदान करता है, बल्कि यह भोजन के प्रति रुचि भी बढ़ाता है। सूखे भुने चने वात और कुष्ठ रोगों को समाप्त करने में सहायक होते हैं। वहीं, उबले हुए चने कोमल और रुचिकर होते हैं, जो पित्त और कमजोरी को दूर करते हैं।
चना शरीर को सक्रिय रखता है और रक्त में ऊर्जा का संचार करता है। यह यकृत और प्लीहा के लिए फायदेमंद है, शरीर को ठंडक प्रदान करता है और रक्त को शुद्ध करता है। इसके सेवन से पेशाब में सुधार होता है। पानी में भिगोकर चबाने से चने से ताकत मिलती है।
यह विशेष रूप से किशोरों, युवाओं और शारीरिक श्रम करने वालों के लिए एक पौष्टिक नाश्ता है। 25 ग्राम काले चने को अच्छे से साफ करके उपयोग करें।
चना की रोटी बनाने की विधि
चना की रोटी बेहद स्वादिष्ट होती है। छिलके सहित चने को पीसकर आटा बनाया जा सकता है। यदि इसमें थोड़ा गेहूं का आटा मिलाया जाए, तो इसे मिस्सी रोटी कहा जाता है। इसे पानी से गूंथकर 3 घंटे बाद फिर से गूंथकर रोटी बनाई जाती है।
यह रोटी त्वचा संबंधी समस्याओं जैसे खुजली और एक्जिमा में लाभकारी होती है। सब्जी का रस मिलाने से इसके गुण और बढ़ जाते हैं।
बच्चों को महंगे बादामों के बजाय काले चने देना चाहिए, क्योंकि यह उन्हें अधिक स्वस्थ रखता है। एक अंडे में 1 ग्राम प्रोटीन और 30 कैलोरी होती है, जबकि काले चने में 41 ग्राम प्रोटीन और 864 कैलोरी होती हैं।
चना की रोटी के अद्भुत फायदे
जुकाम: 50 ग्राम भुने चनों को कपड़े में बांधकर हल्का गर्म करके सूंघने से बंद नाक खुल जाती है। गर्म चने को रूमाल में बांधकर सूंघने से जुकाम ठीक होता है। चने को उबालकर उसका पानी पीने से भी लाभ होता है।
खूनी बवासीर: गर्म चने खाने से खूनी बवासीर में राहत मिलती है।
पौरुष शक्ति: सेंके हुए चने और बादाम के साथ दूध पीने से पौरुष शक्ति में वृद्धि होती है।
कब्ज: चनों को रात भर भिगोकर सुबह जीरा और सोंठ के साथ खाने से कब्ज दूर होती है।
रूसी: चने के बेसन को पानी में घोलकर बालों पर लगाने से रूसी समाप्त होती है।
