एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भारी वृद्धि, आम जनता पर पड़ेगा असर

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है। घरेलू सिलेंडर की कीमत 60 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 115 रुपये बढ़ गई है। यह बढ़ोतरी आम जनता के लिए महंगाई का नया झटका है, जिससे रसोई के खर्च में इजाफा होगा। जानें नए दाम और इसके पीछे के कारण।
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एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भारी वृद्धि, आम जनता पर पड़ेगा असर

महंगाई का नया झटका


मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और वैश्विक ऊर्जा संकट के चलते आम लोगों को महंगाई का एक और बड़ा झटका लगा है। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की वृद्धि की है, जबकि कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में लगभग 115 रुपये का इजाफा किया गया है। ये नए दाम 7 मार्च 2026 से लागू हो गए हैं।


घरेलू एलपीजी सिलेंडर के नए दाम

घरेलू एलपीजी सिलेंडर (14.2 किलो) के नए दाम:



  • दिल्ली: 853 रुपये से बढ़कर अब 913 रुपये

  • मुंबई: 852.50 रुपये से बढ़कर 912.50 रुपये

  • कोलकाता: 879 रुपये से बढ़कर 939 रुपये (कुछ स्रोतों में 930 रुपये भी बताया गया)।

  • चेन्नई: 868.50 रुपये से बढ़कर 928.50 रुपये


यह वृद्धि पिछले 11 महीनों में दूसरी बार हुई है, जिससे आम घरों की रसोई पर सीधा असर पड़ेगा। उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को सब्सिडी वाली सिलेंडर पर अलग प्रभाव पड़ सकता है, लेकिन गैर-सब्सिडाइज्ड सिलेंडर पर यह पूरी तरह लागू होता है।


कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के नए दाम

कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर (19 किलो) के नए दाम:



  • दिल्ली: अब 1883 रुपये

  • मुंबई: 1835 रुपये

  • कोलकाता: 1875.50 रुपये से बढ़कर 1990 रुपये

  • चेन्नई: 1929 रुपये से बढ़कर 2043.50 रुपये


यह वृद्धि होटलों, रेस्तरां, ढाबों और छोटे व्यवसायों पर भारी पड़ेगी, क्योंकि इन स्थानों पर कमर्शियल सिलेंडर का बड़े पैमाने पर उपयोग होता है। इससे बाहर का खाना और सेवाएं महंगी हो सकती हैं।


बढ़ोतरी का कारण

तेल कंपनियों ने इस वृद्धि का मुख्य कारण मिडिल ईस्ट (वेस्ट एशिया) में चल रहे तनाव और युद्ध जैसी स्थिति को बताया है। खासकर ईरान से जुड़े संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा कीमतों में तेजी आई है। यह क्षेत्र तेल और गैस की आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण केंद्र है, जहां अस्थिरता से क्रूड ऑयल और LPG की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ गई हैं।


यह निर्णय आम जनता के लिए कठिन समय लेकर आया है, क्योंकि पहले से ही महंगाई का दबाव बना हुआ है। आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल पर भी इसका असर पड़ सकता है, यह देखना बाकी है। फिलहाल, घरेलू बजट में गैस का खर्च बढ़ना तय है।