उत्तर प्रदेश में प्रीपेड मीटर को पोस्टपेड में बदलने की प्रक्रिया शुरू
प्रीपेड मीटर की व्यवस्था में बदलाव
उत्तर प्रदेश में हाल ही में प्रीपेड मीटर की प्रणाली को समाप्त कर दिया गया है। कई उपभोक्ताओं ने प्रीपेड मीटर से संबंधित गलत बिलिंग की शिकायत की थी, जिसके परिणामस्वरूप सरकार ने इस पर कार्रवाई की और अब प्रीपेड मीटर को पोस्टपेड में परिवर्तित किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने इस संबंध में लोगों को सूचित करना शुरू कर दिया है।
बिलिंग प्रक्रिया में बदलाव
जून 2026 से, प्रदेश में प्रीपेड मीटर के लिए नए पोस्टपेड बिल जारी किए जाएंगे। उपभोक्ता अब UPPCL के ऐप, SMS और WhatsApp के माध्यम से अपने बिल प्राप्त कर सकेंगे। इस बदलाव के साथ, कई लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि रिचार्ज किए गए प्रीपेड मीटर का पिछला बैलेंस क्या होगा। क्या यह बैलेंस नए बिल में समायोजित किया जाएगा या नहीं? सोशल मीडिया पर इस विषय पर कई सवाल उठाए जा रहे हैं।
पिछले बैलेंस का समायोजन
UPPCL ने प्रीपेड मीटर को पोस्टपेड में बदलने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस दौरान, प्रीपेड उपभोक्ताओं का पिछला बैलेंस नए पोस्टपेड बिल में समायोजित किया जाएगा। यदि उपभोक्ता के प्रीपेड मीटर में बिल के बाद भी अतिरिक्त बैलेंस बचता है, तो उसका समायोजन अगले बिल में किया जाएगा। उपभोक्ता UPPCL के ऐप में अपने उपभोक्ता नंबर के माध्यम से लॉगिन करके अपने प्रीपेड मीटर का पिछला बैलेंस देख सकते हैं।
बैलेंस की जानकारी कैसे प्राप्त करें
प्रीपेड मीटर का पिछला बैलेंस उपभोक्ता को क्रेडिट बैलेंस के रूप में दिखाई देगा। उपभोक्ताओं को मई महीने का बिल जून के पहले सप्ताह में प्राप्त हो सकता है, जिसमें वे पिछले क्रेडिट बैलेंस और उपयोग दोनों को देख सकेंगे। उत्पन्न बिल में क्रेडिट बैलेंस अपने आप समायोजित होकर आएगा।
इसके अलावा, UPPCL ऐप के माध्यम से या पावर कॉर्पोरेशन की वेबसाइट पर जाकर भी उपभोक्ता अपने प्रीपेड मीटर का पिछला बैलेंस चेक कर सकते हैं। इसके साथ ही, WhatsApp हेल्प के जरिए भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है। उपभोक्ता पावर कॉर्पोरेशन के हेल्पलाइन नंबर 1912 पर कॉल करके भी अपने प्रीपेड मीटर का पिछला बैलेंस जान सकते हैं।
