आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मानव कार्य: ज़ोहो के सह-संस्थापक का दृष्टिकोण
मानव कार्य और AI का भविष्य
ज़ोहो के सह-संस्थापक श्रीधर वेंबू ने बताया है कि कैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कार्य को नया रूप दे सकता है। उन्होंने कहा कि कुछ मानव-निर्देशित भूमिकाएँ, जो जुनून और देखभाल पर आधारित हैं, AI से काफी हद तक अप्रभावित रहेंगी। वेंबू ने X पर एक पोस्ट में यह सुझाव दिया कि AI लोगों की आत्म-सम्मान की भावना को चुनौती दे सकता है, खासकर जब पहचान आर्थिक उत्पादकता या बौद्धिक मूल्य से जुड़ी होती है।
उन्होंने कई ऐसे कार्यों का उल्लेख किया जो आर्थिक लाभ के लिए नहीं किए जाते, बल्कि उद्देश्य, प्रतिबद्धता और प्रेम के कारण किए जाते हैं। इनमें बच्चों और बुजुर्गों की देखभाल, शिक्षा, उच्च वेतन वाली नौकरियों के बावजूद खेती में लौटना, पर्यावरण के प्रति जुनून से वन रेंजर के रूप में काम करना, स्थानीय मंदिरों में दैनिक अनुष्ठान करना, और शास्त्रीय संगीतकारों का अभ्यास करना शामिल है।
If our notion of self-worth comes from the economic value we add, or if it comes our intellectual pretense (*cough*), AI may pose a serious challenge to our self-worth.On the other hand no one takes up activities like taking care of children, teaching children, taking care of…
— Sridhar Vembu (@svembu) February 27, 2026
उनका मानना है कि चूंकि ये गतिविधियाँ मुख्य रूप से आय द्वारा संचालित नहीं हैं, इसलिए ये AI-प्रेरित दुनिया में भी मजबूत बनी रहेंगी। उन्होंने सुझाव दिया कि समाज धीरे-धीरे ऐसे उद्देश्य-प्रेरित कार्यों की ओर बढ़ सकता है।
नौकरियों के भविष्य पर बहस
वेंबू की टिप्पणियों ने ऑनलाइन एक व्यापक चर्चा को जन्म दिया कि AI के विकास के साथ कार्य कैसे विकसित हो सकता है। कुछ उपयोगकर्ताओं ने तर्क किया कि तकनीकी परिवर्तन नए प्रकार की नौकरियों का निर्माण करेगा जो पहले से मौजूद समस्याओं को हल करने पर केंद्रित होंगी। अन्य ने कहा कि AI मानवों को दार्शनिक सोच और उच्च स्तर की रचनात्मकता पर ध्यान केंद्रित करने के लिए स्वतंत्र कर सकता है, जबकि नियमित कार्यों को स्वचालित प्रणालियों को सौंपा जा सकता है।
हालांकि, कुछ ने चिंता व्यक्त की कि जब AI मानव बुद्धिमत्ता को पार कर जाएगा, तो यह मानवता की श्रम शक्ति में प्रमुख भूमिका को चुनौती दे सकता है और श्रम गतिशीलता को मौलिक रूप से बदल सकता है।
रोजगार पर AI का बढ़ता प्रभाव
यह चर्चा उस समय हो रही है जब AI वैश्विक स्तर पर भर्ती निर्णयों को प्रभावित कर रहा है। पिछले वर्ष, कई कंपनियों ने नौकरियों में कटौती की है जबकि स्वचालन और AI में निवेश बढ़ाया है। अमेज़न जैसी कंपनियों ने तकनीकी अपनाने से संबंधित छंटनी की है, जबकि जैक डोर्सी के नेतृत्व वाली ब्लॉक ने हाल ही में बड़े पैमाने पर कार्यबल में कमी की घोषणा की है।
व्यापार नेताओं ने सरकारों को संभावित श्रम व्यवधान के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी है। JPMorgan के CEO जेमी डिमन ने कहा कि नीति निर्माताओं को अब से ऐसे परिदृश्यों की योजना बनानी चाहिए जहां AI रोजगार पैटर्न को महत्वपूर्ण रूप से बदलता है। वेंबू की टिप्पणियाँ AI बहस में एक बढ़ते विषय को उजागर करती हैं: जबकि नियमित और उत्पादकता-प्रेरित भूमिकाएँ तेजी से बदल सकती हैं, मानव संबंध, अर्थ और जुनून पर आधारित कार्य अधिक टिकाऊ साबित हो सकते हैं।
