OYO Rooms: रितेश अग्रवाल की सफलता की कहानी
OYO Rooms का उदय
OYO रूम्स, जो कपल्स के बीच काफी लोकप्रिय है, ने 2013 में अपनी शुरुआत की और अब तक 75 हजार करोड़ रुपये का कारोबार खड़ा कर लिया है। इसके संस्थापक रितेश अग्रवाल हैं, जिनकी यात्रा बेहद प्रेरणादायक है। एक समय था जब उनके पास केवल 30 रुपये थे और उनका पहला स्टार्टअप, ओरावेल स्टेज, असफल रहा। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और OYO रूम्स जैसी बड़ी कंपनी स्थापित की।
रितेश का जन्म ओडिशा के रायगढ़ जिले के भीषमकटक में हुआ। स्कूल के दिनों से ही उन्होंने एंटरप्रेन्योर बनने का सपना देखा। परिवार की इच्छा पर IIT की तैयारी के लिए कोटा गए, लेकिन पढ़ाई में मन नहीं लगा। उन्होंने यात्रा शुरू की और कई होटलों में ठहरकर होटल इंडस्ट्री की समस्याओं को समझने की कोशिश की।
उन्होंने लगभग 100 स्थानों पर 200 होटलों में ठहराव किया और होटल इंडस्ट्री की सबसे बड़ी समस्या को पहचाना। 2012 में, उन्होंने ओरावेल स्टेज नामक स्टार्टअप शुरू किया, जिसमें सस्ते होटलों के कमरे को बेहतर बनाने का प्रयास किया। हालांकि, यह प्रयास सफल नहीं रहा और उन्हें भारी नुकसान हुआ।
2013 में, रितेश को थिएल फेलोशिप मिली, जिससे उन्हें 1 लाख डॉलर की राशि प्राप्त हुई। इसी वर्ष उन्होंने OYO रूम्स की स्थापना की। OYO ने सस्ते होटलों को अपने साथ जोड़ा और उनकी ब्रांडिंग, मार्केटिंग, और ग्राहक प्रबंधन में सुधार किया। इससे होटल मालिकों का व्यापार दोगुना हो गया।
OYO ने लोकेशन, क्वालिटी और प्राइस पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने पहले से मौजूद होटलों के साथ साझेदारी की और ग्राहकों के लिए बुकिंग को आसान बनाया। अब केवल तीन क्लिक में कमरा बुक किया जा सकता था।
OYO ने कपल्स के लिए रूम उपलब्ध कराने की दिशा में भी कदम बढ़ाए। वर्तमान में, OYO Rooms 80 देशों के 800 शहरों में कार्यरत है। रितेश अग्रवाल अब दुनिया के दूसरे सबसे युवा सेल्फ-मेड बिलेनियर बन चुके हैं।
OYO Rooms इस समय अपने IPO के कारण चर्चा में है, जो अगले सप्ताह लॉन्च हो सकता है। कंपनी 2021 के अंत तक लगभग 8 हजार करोड़ रुपये के IPO जारी करने की योजना बना रही है। OYO रूम्स के पास भारत में 68% मार्केट शेयर हैं और रितेश की नेटवर्थ लगभग 7 हजार करोड़ रुपये है। भविष्य में, OYO अन्य हॉस्पिटैलिटी व्यवसायों में भी विस्तार करने की योजना बना रहा है।
