NSE IPO: भारतीय शेयर बाजार में बदलाव की नई लहर
NSE IPO पर ध्यान केंद्रित
NSE IPO का ऐतिहासिक क्षण भारतीय शेयर बाजार में NSE IPO की चर्चा तेज हो गई है। यह लिस्टिंग भारत के शेयर बाजार को कैसे बदल सकती है, इस पर विशेषज्ञों की राय क्या है? NSE के CEO, Ashish Chauhan, जो जुलाई 2022 से इस पद पर हैं, ने इस एक्सचेंज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
रिटेल भागीदारी और वॉल्यूम में वृद्धि जनवरी 2025 में NSE के निवेशकों की संख्या 11 करोड़ को पार कर गई, जिससे यह वैश्विक स्तर पर पूंजी जुटाने के लिए प्रमुख एक्सचेंज बन गया है। नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, NSE एक उत्साही व्यापारिक दिन में 2,000 करोड़ से अधिक ऑर्डर और पीक पर लगभग 30 करोड़ ट्रेड्स संभालता है, जो वॉल्यूम वृद्धि को दर्शाता है।
IPO और पूंजी जुटाने में सहायक FY26 में भारतीय कंपनियों ने IPO के माध्यम से रिकॉर्ड 1.8 लाख करोड़ रुपये जुटाए। विशेषज्ञों का मानना है कि यह वृद्धि मुख्य रूप से बड़े मुख्य बोर्ड IPOs द्वारा प्रेरित थी, और Ashish Chauhan के नेतृत्व ने इस एक्सचेंज को नए मील के पत्थर तक पहुँचाया।
डिजिटल परिवर्तन विशेषज्ञों का मानना है कि जुलाई 2022 में Ashish Chauhan के CEO बनने के बाद एक्सचेंज में डिजिटल परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू हुई। इस दौरान एक्सचेंज का आधिकारिक मोबाइल ऐप विकसित हुआ और वेबसाइट को 12 क्षेत्रीय भाषाओं में विस्तारित किया गया। इसी समय दैनिक वॉल्यूम में वृद्धि को सुचारू रूप से संभालने में मदद मिली।
संकट प्रबंधन Ashish Chauhan के नेतृत्व में, NSE में संकट प्रबंधन एक महत्वपूर्ण ढांचे के रूप में उभरा। साइबर सुरक्षा और बाजार स्थिरता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रेडिंग प्रतिक्रिया प्रणाली में सुधार हुआ है, जो 100 माइक्रोसेकंड से नैनोसेकंड तक पहुँच गई है। NSE ने अपने निगरानी प्रणाली और ट्रेडिंग अवसंरचना को भी मजबूत किया है ताकि बड़ी मात्रा को बिना किसी रुकावट के संभाला जा सके।
