Meta में छंटनी का सिलसिला जारी, भविष्य में और कटौती की संभावना
छंटनी का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा
Meta द्वारा हाल ही में घोषित बड़े पैमाने पर छंटनी के बावजूद, नौकरी में कटौती का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। पिछले महीने, कंपनी ने अपने वैश्विक कार्यबल का लगभग 10%, यानी करीब 8,000 कर्मचारियों को निकालने की योजना बनाई थी। अब संकेत मिल रहे हैं कि भविष्य में और भी छंटनी हो सकती है।
आगे और छंटनी की संभावना
कंपनी की चीफ पीपल ऑफिसर जेनेल गेल ने एक आंतरिक बैठक में कर्मचारियों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि वह यह सुनिश्चित नहीं कर सकतीं कि भविष्य में कोई और छंटनी नहीं होगी। उन्होंने बताया कि कंपनी का व्यवसाय मजबूत है, लेकिन बदलती प्राथमिकताएं, कड़ी प्रतिस्पर्धा और लागत नियंत्रण की आवश्यकता के कारण ऐसे निर्णय लिए जा सकते हैं।
टीम संरचना में बदलाव
गेल ने बताया कि कंपनी आवश्यकतानुसार टीमों में बदलाव करती रहेगी और जहां संभव होगा, कर्मचारियों को अन्य भूमिकाओं में स्थानांतरित किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि विभिन्न विभागों पर इसका प्रभाव अलग-अलग हो सकता है।
AI नहीं है मुख्य कारण
कंपनी के सीईओ मार्क जकरबर्ग ने स्पष्ट किया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस छंटनी का मुख्य कारण नहीं है। उन्होंने कहा कि AI के कारण छोटी टीमें अधिक प्रभावी हो रही हैं, लेकिन नौकरी में कटौती का यह एकमात्र कारण नहीं है।
कर्मचारियों की निगरानी पर स्पष्टीकरण
जकरबर्ग ने कर्मचारियों की उत्पादकता की निगरानी के संबंध में भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि Meta सीधे तौर पर कर्मचारियों की गतिविधियों की निगरानी नहीं करती, बल्कि कीबोर्ड और माउस जैसी गतिविधियों के डेटा का उपयोग करती है, ताकि AI मॉडल को बेहतर बनाया जा सके।
कर्मचारियों पर प्रभाव और राहत
गेल ने स्वीकार किया कि छंटनी का कर्मचारियों के मनोबल पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। हालांकि, कंपनी इस प्रक्रिया को बेहतर तरीके से प्रबंधित करने का प्रयास कर रही है। प्रभावित कर्मचारियों को 18 महीने तक स्वास्थ्य देखभाल कवरेज प्रदान करने की सुविधा भी दी गई है।
AI में निवेश जारी
इस बीच, Meta अपने AI व्यवसाय पर ध्यान केंद्रित कर रही है। कंपनी के AI प्रमुख एलेक्जेंडर वांग ने Spark नामक एक नया मॉडल पेश किया है। वहीं, CFO सुसान ली ने कहा कि कंपनी के लिए सही संख्या में कर्मचारियों का निर्धारण अभी भी एक चुनौती है। Meta में छंटनी और AI में निवेश एक साथ चल रहे हैं, जो दर्शाता है कि कंपनी बदलते तकनीकी माहौल में खुद को नए सिरे से ढालने का प्रयास कर रही है।
