घर में शराब रखने की लिमिट: जानें विभिन्न राज्यों के नियम
शराब का बढ़ता चलन
आजकल शराब पीने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। लोग अब पार्टी और शादियों में शराब के बिना अधूरी महसूस करते हैं। कुछ लोग तो बार में जाकर शराब पीने के आदी हो गए हैं, जबकि अन्य अपने घर पर ही शराब का सेवन करना पसंद करते हैं। इस स्थिति में, घर में शराब रखना भी आवश्यक हो जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सरकार ने घर में शराब रखने के लिए एक सीमा निर्धारित की है?
शराब रखने के नियम
शराब अब लोगों की दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बन गई है। काम के बाद, कई लोग एक पेग लेकर अपनी थकान मिटाने का सोचते हैं। हालांकि, घर पर शराब रखने के लिए भी कुछ नियम हैं। बिना लाइसेंस के कोई भी व्यक्ति शराब नहीं बेच सकता, और घर पर शराब रखने के लिए भी कुछ सीमाएं हैं। यह सीमाएं हर राज्य की आबकारी नीति पर निर्भर करती हैं।
हरियाणा में शराब स्टोर करने की सीमा
हरियाणा में, लोग अपने घर में 6 बोतल देशी शराब और 18 बोतल विदेशी शराब रख सकते हैं। यदि कोई व्यक्ति इससे अधिक शराब रखना चाहता है, तो उसे हर साल 200 रुपये या आजीवन 2000 रुपये देकर अनुमति लेनी होगी।
दिल्ली में शराब रखने की लिमिट
दिल्ली में, घर पर 18 लीटर से अधिक शराब नहीं रखी जा सकती, जिसमें वाइन, बीयर और एल्कोपॉप शामिल हैं। भारतीय या विदेशी रम, व्हिस्की, वोडका, जिन की मात्रा 9 लीटर से अधिक नहीं होनी चाहिए।
पंजाब में शराब स्टोरेज नियम
पंजाब में, लोग 2 बोतल विदेशी शराब या 2 बोतल देशी शराब रख सकते हैं। यदि कोई व्यक्ति इससे अधिक रखना चाहता है, तो उसे लाइसेंस लेना होगा, जिसकी वार्षिक फीस 1000 रुपये या आजीवन 10,000 रुपये हो सकती है।
उत्तर प्रदेश में शराब रखने की सीमा
उत्तर प्रदेश में, व्यक्ति 6 लीटर शराब अपने पास रख सकते हैं। यदि कोई व्यक्ति इससे अधिक रखना चाहता है, तो उसे लाइसेंस लेना होगा, जिसकी वार्षिक फीस 12,000 रुपये है।
राजस्थान में शराब रखने की लिमिट
राजस्थान में, लोग 12 बोतल आईएमएफएल की शराब रख सकते हैं। पार्टी के लिए अलग नियम हैं, जिसमें लाइसेंस के लिए 2000 रुपये का शुल्क देना होता है।
गोवा में शराब स्टोरेज की लिमिट
गोवा में, कोई भी व्यक्ति 24 बोतल बीयर, 12 बोतल आईएमएफएल और 18 बोतल देशी शराब रख सकता है। वहीं, महाराष्ट्र में 8 बोतल शराब रखने की अनुमति है।