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लवलीना बोरगोहेन ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए पहला पदक सुनिश्चित किया

लवलीना बोरगोहेन ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए पहला पदक सुनिश्चित किया है। उन्हें क्वार्टर-फाइनल में बाय मिलने के बाद सीधे सेमीफाइनल में प्रवेश मिला है। वह 31 जुलाई को तुवालु की टी.के.बी.पी. ताफाकी का सामना करेंगी। जानें भारत के प्रदर्शन और CWG 2026 में खेलों की स्थिति के बारे में।
 

लवलीना बोरगोहेन की सफलता

बॉक्सिंग में लवलीना बोरगोहेन ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए पहला पदक सुनिश्चित किया है। उन्हें क्वार्टर-फाइनल में बाय मिलने के बाद सीधे सेमीफाइनल में प्रवेश मिला है। अब जब सेमीफाइनल में उनकी जगह पक्की हो गई है, वह कम से कम एक कांस्य पदक की गारंटी ले चुकी हैं। वह 31 जुलाई को महिलाओं के 75 किलोग्राम सेमीफाइनल में तुवालु की टी.के.बी.पी. ताफाकी का सामना करेंगी।


लवलीना को बाय क्यों मिला?

लवलीना को बाय इसलिए मिला क्योंकि क्वार्टर-फाइनल में केवल पांच मुक्केबाज मौजूद थे। सीमित संख्या में एथलीटों के कारण, तीन मुक्केबाज, जिनमें बोरगोहेन भी शामिल हैं, सीधे अंतिम चार में पहुंच गए। यदि लवलीना जीतती हैं, तो वह स्वर्ण पदक के मुकाबले में पहुंच जाएंगी, जबकि हारने पर भी उन्हें कांस्य पदक मिलेगा।


भारत का प्रदर्शन CWG 2026 में

इस बीच, भारत ने 2022 के बर्मिंघम खेलों में 61 पदक जीते थे, जिनमें 22 स्वर्ण शामिल थे। हालांकि, CWG 2026 में यह संख्या कम होने की संभावना है क्योंकि कई श्रेणियाँ इस बार प्रतियोगिता से हटा दी गई हैं। CWG 2026 की मेज़बानी पहले ऑस्ट्रेलिया को सौंपी गई थी, लेकिन 2023 में देश ने इससे पीछे हटने का निर्णय लिया, जिसके बाद ग्लासगो ने इसे अपने हाथ में लिया। लेकिन वे एक पूर्ण पैमाने पर आयोजन नहीं कर सके। इसके परिणामस्वरूप बैडमिंटन, क्रिकेट, हॉकी, स्क्वैश, टेबल टेनिस, ट्रायथलॉन, कुश्ती, बीच वॉलीबॉल और रग्बी सेवन जैसे कई खेल इस बार प्रतियोगिता का हिस्सा नहीं हैं। भारत के लिए 30 पदक उन श्रेणियों में आए थे जो इस वर्ष के आयोजन का हिस्सा नहीं हैं।