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जंडू कुमार ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए पहला पदक जीता

जंडू कुमार ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पैरा पावरलिफ्टिंग में कांस्य पदक जीतकर भारत का नाम रोशन किया है। उनकी यात्रा, जो सब्जियां बेचने से शुरू हुई, अब एक प्रेरणादायक कहानी बन गई है। जंडू ने अपनी मेहनत और संघर्ष के बारे में बात की और बताया कि कैसे उन्होंने इस उपलब्धि को हासिल किया। वह अब एशियाई खेलों और पैरालंपिक्स में प्रतिस्पर्धा करने का सपना देख रहे हैं। उनकी कहानी सभी पैरा-एथलीटों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
 

जंडू कुमार की प्रेरणादायक यात्रा

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का खाता जंडू कुमार ने खोला, जिन्होंने पैरा पावरलिफ्टिंग में कांस्य पदक जीता। बिहार के इस व्यक्ति की कहानी प्रेरणादायक है। एक समय पर सब्जियां बेचने और ई-रिक्शा चलाने वाले जंडू ने अब विश्व के सबसे प्रतिष्ठित बहु-खेल आयोजनों में से एक में पदक जीता है। अपनी जीत के बाद एक विशेष बातचीत में, जंडू ने अपने कठिन सफर, इस उपलब्धि का भावनात्मक महत्व और अपनी दृढ़ संकल्पना के बारे में बताया।

सफर का बोझ

कॉमनवेल्थ गेम्स 2025 ग्लासगो में पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट होने का महत्व जंडू कुमार पर भारी था। उन्होंने इस पल की भावनाओं को साझा करते हुए कहा, "यह यात्रा निश्चित रूप से चुनौतीपूर्ण रही है। इतना मेहनत करने के बाद, आज मैंने अपने देश का झंडा ऊंचा किया और पदक जीता, यह एक अद्भुत अनुभव है।"

कठिनाइयों से बनी मानसिकता

जंडू की खेल में सफलता उनके व्यक्तिगत संघर्षों से अलग नहीं है। कोविड-19 महामारी के दौरान, उन्होंने सब्जियां बेचीं और ई-रिक्शा चलाया। लेकिन उन्होंने इन कामों को कभी नीचा नहीं समझा। उन्होंने कहा, "मैंने जो भी काम किया, उसे मैंने पूरी ईमानदारी से किया।"

भारत सरकार का आभार

जंडू ने भारत सरकार और खेलो इंडिया पहल का धन्यवाद किया, जिसने उन्हें पहला बड़ा मंच प्रदान किया। उन्होंने अपने कोचों और भारतीय पैरालंपिक समिति का भी आभार व्यक्त किया।

पैरा-खेलों में प्रेरणा

जंडू कुमार की सफलता केवल व्यक्तिगत जीत नहीं है; वह देश के पैरा-एथलीटों के लिए आशा की किरण बन गए हैं। उन्होंने सभी आगामी पैरा-एथलीटों को सलाह दी कि "कभी भी मेहनत से पीछे नहीं हटना चाहिए।"

पैरालंपिक्स में प्रतिस्पर्धा का सपना

जंडू कुमार ने एशियाई खेलों और 2028 के पैरालंपिक्स में प्रतिस्पर्धा करने का सपना देखा है। उन्होंने कहा, "मैं इस उपलब्धि पर गर्व महसूस करता हूं, लेकिन अभी भी बहुत मेहनत करनी है।"