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पिकलबॉल: भारतीय शादियों और पर्यटन का नया ट्रेंड

पिकलबॉल, जो तेजी से बढ़ता खेल है, अब भारतीय शादियों और पर्यटन में एक नया आयाम जोड़ने की संभावना रखता है। सोनम बाली, एक पूर्व बास्केटबॉल खिलाड़ी, का मानना है कि यह खेल न केवल प्रतिस्पर्धा में बल्कि जीवनशैली में भी शामिल हो सकता है। उनके विचारों में शादियों में पिकलबॉल का उपयोग, पिकलबॉल पर्यटन और फैशन में इसकी पहचान शामिल है। क्या ये विचार वास्तविकता बनेंगे? जानें इस लेख में।
 

पिकलबॉल का नया दृष्टिकोण

पिकलबॉल को वर्षों से दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते खेल के रूप में प्रस्तुत किया गया है। कोर्ट का निर्माण, टूर्नामेंट की संख्या में वृद्धि और भागीदारी में निरंतर वृद्धि हो रही है। लेकिन शायद सबसे बड़ा अवसर कोर्ट की सीमाओं के बाहर है। क्या होगा अगर पिकलबॉल लोगों के जश्न, यात्रा और यहां तक कि प्यार में भी शामिल हो जाए? यह विचार एक उद्यमी और पिकलबॉल खिलाड़ी सोनम बाली का है, जो एक पूर्व बास्केटबॉल खिलाड़ी हैं। उन्होंने 2006 के कॉमनवेल्थ खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया और चोटों के कारण बास्केटबॉल से पिकलबॉल में स्थानांतरित हो गईं।


सोनम बाली, जो एक शादी के आयोजक, लक्जरी रियल एस्टेट पेशेवर, यात्री और एथलीट हैं, का मानना है कि यह खेल प्रतिस्पर्धा से परे जाकर एक जीवनशैली में विकसित हो सकता है। उन्होंने कहा, "शादियों में पिकलबॉल का उपयोग क्यों नहीं किया गया? यह एक ऐसा खेल है जिसे सीखना बहुत आसान है और यह कैमरे पर शानदार दिखता है।"


शादियों में पिकलबॉल का योगदान

बाली ने कहा, "शादी एक सामाजिक दबाव का माहौल है, और पिकलबॉल को सीखना बेहद आसान है। मैं एक मिश्रित युगल सगाई देखना चाहूंगी, जहां दूल्हा-दुल्हन अपने भाई-बहनों के साथ खेलते हैं।" भारतीय शादियाँ अब पहले से कहीं अधिक भव्य हो गई हैं, और दूल्हा-दुल्हन ऐसे अनुभवों की तलाश में हैं जो मेहमानों को लंबे समय तक याद रहें। बाली का मानना है कि पिकलबॉल इस क्षेत्र में स्वाभाविक रूप से फिट बैठता है।


उनका विचार है कि एक "हल्दी पिकलबॉल कप" आयोजित किया जाए, जहां दूल्हा और दुल्हन के परिवार एक-दूसरे के खिलाफ खेलें। इससे परिवारों के बीच हंसी-मजाक और बातचीत बढ़ेगी।"


पिकलबॉल पर्यटन का नया आयाम

बाली का मानना है कि भारत पिकलबॉल पर्यटन के अवसर को नजरअंदाज कर रहा है। आधुनिक यात्री अनुभवों की तलाश में हैं, न कि केवल दर्शनीय स्थलों की। उन्होंने कहा, "पिकलबॉल पर्यटन एक नई श्रेणी बना सकता है, जहां सुबह प्रतियोगिताएं और शाम को स्थानीय संस्कृति का अन्वेषण किया जाए।"


फैशन में पिकलबॉल का स्थान

बाली ने कहा कि पिकलबॉल की दृश्य पहचान अभी भी विकसित नहीं हुई है। भारतीय डिजाइनरों के लिए यह एक रोमांचक अवसर है। उन्होंने कहा, "पिकलबॉल परिधान ज्यादातर टेनिस से उधार लिया गया है। हमें इसे एक अनूठी पहचान देने की आवश्यकता है।"


पिकलबॉल जीवनशैली का भविष्य

बाली का सबसे साहसी दृष्टिकोण एक ऐसा रिसॉर्ट बनाना है जहां सुबह पिकलबॉल, दोपहर यात्रा और शाम को शादियाँ हों। उन्होंने कहा, "मैं एक ऐसा रिसॉर्ट चाहूंगी जहां खेल, आतिथ्य और समुदाय एक साथ हों।"


क्या ये विचार वास्तविकता बनेंगे? यह देखना बाकी है, लेकिन यह सवाल उठाता है कि क्या पिकलबॉल का भविष्य केवल रैंकिंग, पदक या पुरस्कार राशि से परिभाषित होगा।