साक्षी चौधरी ने बॉक्सिंग में ऐतिहासिक जीत के साथ CWG और एशियाई खेलों के लिए किया क्वालीफाई
साक्षी चौधरी की सफलता की कहानी
"मैं मार दूंगी" (I will beat anybody) यह वाक्य साक्षी चौधरी की पहचान बन गया है। उन्होंने 51 किलोग्राम श्रेणी में कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियाई खेलों के लिए क्वालीफाई किया है। यह उपलब्धि उन्हें 15 मई को पटियाला में बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (BFI) के चयन ट्रायल में मिली, जहां उन्होंने मौजूदा विश्व चैंपियन मिनाक्षी हूडा को हराया। साक्षी ने कहा, "यह मेरे लिए ऐतिहासिक क्षण है और एक बड़ी उपलब्धि है। मैंने निकहत जरीन को सेमीफाइनल में 4-1 से हराया और उसके बाद मिनाक्षी को भी।"
साक्षी ने पिछले साल 54 किलोग्राम श्रेणी में प्रतिस्पर्धा की थी, लेकिन इस बार उन्होंने 51 किलोग्राम में चुनौती दी। उन्होंने कहा, "मैंने अपने प्रदर्शन को बनाए रखने और दोनों प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीतने की उम्मीद की है।"
हालांकि, साक्षी के लिए यह सफर आसान नहीं था। उन्होंने कहा, "मुझे बहुत दबाव महसूस होता था। मैंने अपने प्रदर्शन में सुधार के लिए खेल मनोवैज्ञानिक प्रियवृंदा पाठिक से मदद ली।" प्रियवृंदा ने बताया कि उन्होंने साक्षी के आत्मविश्वास को मजबूत करने पर काम किया।
साक्षी ने 51 किलोग्राम श्रेणी में क्वालीफाई करने के लिए वजन कम करने का जोखिम उठाया। उन्होंने कहा, "यह मेरे लिए एक कठिन स्थिति थी। मुझे लगभग चार किलोग्राम वजन कम करना था।"
साक्षी ने निकहत जरीन को हराने के बाद कहा, "यह एक चुनौतीपूर्ण मुकाबला था। मेरे परिवार और कोचों ने मुझ पर विश्वास किया।" उन्होंने अपनी रणनीति के बारे में बताया कि उन्होंने अपने जाब की दूरी बनाए रखी।
अब साक्षी का ध्यान आगामी प्रतियोगिताओं पर है। उन्होंने कहा, "मैं अपने परिवार से मिलने के बाद फिर से प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित करूंगी।" उनका अगला मुकाबला चेक गणराज्य में ग्रैंड प्रिक्स में होगा।
साक्षी ने कहा, "मेरी नजरें 2028 लॉस एंजेल्स ओलंपिक पर हैं, लेकिन पहले मुझे CWG और एशियाई खेलों में अच्छा प्रदर्शन करना है।"