गावस्कर ने भारतीय टेस्ट टीम के विकास पर उठाए सवाल
गावस्कर की राय
पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी सुनील गावस्कर का मानना है कि भारतीय टेस्ट टीम को अब संक्रमण काल में बताने का समय समाप्त हो गया है। उन्हें लगता है कि अब अंतरराष्ट्रीय लाल गेंद क्रिकेट में आवश्यक मानकों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। भारत ने अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट में 300 रनों से जीत हासिल की, जिसमें नवोदित बाएं हाथ के स्पिनर मनव सुथार ने सात विकेट लिए। यह जीत भारतीय टेस्ट क्रिकेट में उनकी सबसे बड़ी पारियों की जीत है।
गावस्कर ने जियोहॉटस्टार के साथ बातचीत में टीम के विकास के बारे में चल रही चर्चा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "हमें इस टीम को संक्रमण में बताने के बजाय टेस्ट में अपेक्षित मानकों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। हर टीम में रिटायरमेंट और बदलाव होते हैं, लेकिन प्रदर्शन पर ध्यान देना जरूरी है।"
WTC में भारत की स्थिति
टीम इंडिया की स्थिति
भारत वर्तमान में विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में नौ टेस्ट मैचों में से केवल चार जीत के साथ छठे स्थान पर है। गावस्कर की चिंता का कारण भारत की घरेलू कमजोरी है, जो पिछले साल दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 0-2 की हार से उजागर हुई थी। यह हार न्यूजीलैंड के खिलाफ 2024 में हुई 0-2 की हार के बाद आई, जिसने भारत की घरेलू जीत की लम्बी लकीर को समाप्त कर दिया।
गावस्कर का मानना है कि विराट कोहली, रोहित शर्मा और रविचंद्रन अश्विन के टेस्ट रिटायरमेंट के कारण जो चर्चा हो रही है, वह गलत दिशा में है। उन्होंने कहा, "बॉलिंग अटैक ने अपना काम किया है, लेकिन बल्लेबाजों को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अधिक अनुशासन और मजबूत तकनीक दिखानी चाहिए।"
गौतम गंभीर की प्रतिक्रिया
गंभीर का प्रबंधकीय दृष्टिकोण इस कठोर स्थिति के विपरीत है। भारतीय मुख्य कोच ने हाल ही में एक साक्षात्कार में अपने युवा खिलाड़ियों का बचाव करते हुए कहा कि संक्रमण काल पहले से ही प्रगति पर है और इसे खिलाड़ियों को दंडित करने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
अफगानिस्तान के खिलाफ मैच में, भारत ने शुबमन गिल और केएल राहुल के शतकों के साथ-साथ मनव सुथार की शानदार स्पिन गेंदबाजी के चलते एक पारी और 300 रनों से जीत हासिल की।