पारुल चौधरी: कॉमनवेल्थ खेलों में भारत की उम्मीदें
पारुल चौधरी का परिचय
पारुल चौधरी भारत की प्रमुख महिला दूरी धावकों में से एक हैं। मेरठ में जन्मी इस एथलीट ने 3000 मीटर स्टीपलचेज और 5000 मीटर में राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाए हैं। उन्होंने 2023 एशियाई खेलों में 5000 मीटर में स्वर्ण और स्टीपलचेज में रजत पदक जीते। इसके अलावा, उन्होंने एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में दूरी डबल भी पूरा किया। पारुल ने 2024 के पेरिस ओलंपिक में भी भाग लिया और उसी वर्ष जनवरी में उत्तर प्रदेश पुलिस में उप पुलिस अधीक्षक के रूप में नियुक्त हुईं।
कॉमनवेल्थ खेलों का आयोजन ग्लासगो में 23 जुलाई से 2 अगस्त तक होगा, और यह उनका पहला अनुभव होगा। एथलेटिक्स की प्रतियोगिताएं स्कॉटस्टाउन स्टेडियम में 27 जुलाई से 1 अगस्त तक आयोजित की जाएंगी, जिसमें पारुल महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपलचेज और 5000 मीटर में भाग लेंगी।
पारुल चौधरी का इंटरव्यू
पारुल ने खेलों से पहले एक इंटरव्यू में कहा, "हम खेलों के करीब हैं और मैं बहुत उत्साहित हूं क्योंकि यह मेरा पहला कॉमनवेल्थ खेल है। हम वहां अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे।"
जब उनसे पूछा गया कि कॉमनवेल्थ खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करना कैसा लगता है, तो उन्होंने कहा, "यह सच है कि यह एक बड़ी जिम्मेदारी है, लेकिन हमारी ट्रेनिंग अच्छी रही है, इसलिए मुझे ऐसा नहीं लगता कि यह कोई बड़ा मुकाबला है।"
पारुल ने यह भी बताया कि केन्या और उगांडा जैसे देश उनके लिए कठिन प्रतिस्पर्धा पेश करेंगे। उन्होंने कहा, "हम अपनी पूरी कोशिश करेंगे।"
उन्होंने यह भी साझा किया कि वह एथलीट अविनाश साबले से सलाह लेती हैं, जिन्होंने पिछले कॉमनवेल्थ खेलों में रजत पदक जीता था।
पारुल ने अपने प्रशंसकों से कहा, "वे हमारे लिए प्रार्थना करें। हम उनका धन्यवाद करेंगे।"
अंत में, उन्होंने आईआईएस के महत्व पर भी प्रकाश डाला, कहकर कि यह एथलीटों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है कि उन्हें सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
पारुल ग्लासगो में endurance इवेंट्स में भारत की सबसे बड़ी उम्मीद हैं और वह अपने अनुभव को एक कॉमनवेल्थ खेलों के पदक में बदलने के लिए तैयार हैं।