मोरपंख रखने के लिए सही दिशा और स्थान: वास्तु शास्त्र के अनुसार
मोरपंख के स्थान निर्धारण के नियम
वास्तु शास्त्र में मोरपंख को अत्यंत पवित्र माना जाता है। यह भगवान श्रीकृष्ण के मुकुट का हिस्सा है और घर में सुख-समृद्धि लाने के लिए जाना जाता है। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि मोरपंख को रखने के लिए सही दिशा और स्थान क्या है?
इन 5 स्थानों पर मोरपंख न रखें
दक्षिण दिशा
वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, मोरपंख को दक्षिण दिशा में नहीं रखना चाहिए। इसे यम और पितरों की दिशा माना जाता है, और यहां मोरपंख रखने से घर में भय और मानसिक तनाव उत्पन्न होता है। मोरपंख के लिए पूर्व या उत्तर-पश्चिम दिशा सबसे उपयुक्त मानी जाती है।
पर्स में मोरपंख न रखें
कई लोग अपने पर्स या वॉलेट में मोरपंख रखते हैं, जो वास्तु के अनुसार अशुभ है। मोरपंख को स्वतंत्रता का प्रतीक माना जाता है, और इसे पर्स में रखने से धन की हानि हो सकती है।
तिजोरी या धन स्थान
धन वृद्धि के लिए तिजोरी के पास मोरपंख रखना सही है, लेकिन इसे तिजोरी के अंदर या उसके नीचे नहीं रखना चाहिए। मोरपंख को तिजोरी के ऊपर या सामने इस तरह रखना चाहिए कि उस पर रोशनी पड़े।
कबाड़घर या अंधेरे कोनों में
मोरपंख को हमेशा साफ और हवादार स्थान पर रखना चाहिए। स्टोर रूम या अंधेरे कोनों में रखने से वास्तु दोष उत्पन्न होता है और परिवार की तरक्की रुक जाती है।
रसोई में
रसोई को अन्नपूर्णा का स्थान माना जाता है, लेकिन यहां मोरपंख रखना उचित नहीं है। धुएं और तेल के कारण यह गंदा हो सकता है और नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न कर सकता है।
बाथरूम या टॉयलेट की दीवार पर
वास्तु के अनुसार, बाथरूम या टॉयलेट को नकारात्मक ऊर्जा से जोड़ा जाता है। यदि किसी कमरे की दीवार बाथरूम से सटी हो, तो उस पर मोरपंख लगाने से बचना चाहिए।