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मकड़ियों के जाल: कैसे बचती हैं ये अपने ही जाल से?

मकड़ियाँ अपने जाल में क्यों नहीं फंसतीं? यह सवाल कई लोगों के मन में आता है। इस लेख में हम जानेंगे कि मकड़ियाँ अपने जाल को कैसे बनाती हैं, उनके जाल के विभिन्न पैटर्न और क्यों वे अपने ही जाल में नहीं फंसतीं। इसके अलावा, हम यह भी देखेंगे कि वे दूसरी मकड़ियों के जाल में कैसे फंस जाती हैं। जानने के लिए पढ़ें पूरा लेख!
 

मकड़ियों के जाल और उनकी अद्भुत विशेषताएँ


मकड़ियाँ हर घर में पाई जाती हैं और इनके जाल अक्सर लोगों के लिए परेशानी का कारण बनते हैं। ये जाले मुख्य रूप से कीटों को फंसाने के लिए बनाए जाते हैं, जो मकड़ियों का भोजन होते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ये मकड़ियाँ अपने ही जाल में क्यों नहीं फंसतीं? इसका उत्तर काफी दिलचस्प है।


जाल का निर्माण और शिकार

मकड़ियाँ मक्खियों, मच्छरों और अन्य कीटों का शिकार करती हैं। अपने शिकार के लिए, वे जाल बुनती हैं। जब कोई कीड़ा इस जाल में आता है, तो वह उसमें फंस जाता है और फिर मकड़ी उसे खा जाती है।


जाल के विभिन्न पैटर्न

हर मकड़ी का जाल बुनने का तरीका अलग होता है। धरती पर करोड़ों मकड़ियाँ हैं, और सभी के जाल के पैटर्न भिन्न होते हैं, जिससे कीड़े हर बार फंस जाते हैं।


जाल बनाने के लिए दो प्रकार के रेशे

मकड़ियाँ दो प्रकार के रेशों का उपयोग करती हैं: एक साधारण और दूसरा चिपचिपा। साधारण रेशे से बने जाल में कीड़े नहीं फंसते, जबकि चिपचिपे रेशे से बने जाल में कीड़े आसानी से फंस जाते हैं।


अपने जाल में न फंसने का कारण

मकड़ियों के पैरों की संरचना बहुत खास होती है। उनके पैरों के नीचे दो उंगली जैसी आकृतियाँ होती हैं, जो उन्हें अपने चिपचिपे जाल से बचाती हैं। दिलचस्प बात यह है कि मकड़ी चिपचिपे जाल पर पूरी तरह से नहीं चलती, जिससे वह खुद को फंसने से बचा लेती है।


दूसरी मकड़ियों के जाल में फंसने की संभावना

हालांकि मकड़ियाँ अपने बनाए जाल में नहीं फंसतीं, लेकिन वे दूसरी मकड़ियों के जाल में आसानी से फंस जाती हैं। इसका कारण यह है कि उन्हें अन्य मकड़ियों के जाल बनाने का तरीका नहीं पता होता।