आंवला: प्राकृतिक विटामिन-सी का अमृतफल
प्राकृतिक सप्लीमेंट का महत्व
विटामिन-सी सप्लीमेंट्स में मौजूद सिंथेटिक कोटिंग और रासायनिक प्रिजर्वेटिव आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ये सप्लीमेंट्स महंगे होते हैं, इसलिए क्यों न प्राकृतिक विकल्पों पर ध्यान दिया जाए, जो न केवल सस्ते हैं बल्कि सेफ भी हैं।
आंवला: अमृतफल की पहचान
हम आंवला की बात कर रहे हैं, जिसे आयुर्वेद में अमृतफल कहा जाता है। आंवला में विटामिन-सी की मात्रा संतरे से 10 से 20 गुना अधिक होती है। जबकि बाजार में मिलने वाले विटामिन-सी सप्लीमेंट्स की कीमत ₹500 या उससे अधिक होती है, आंवला को सामान्य फल की कीमत पर खरीदा जा सकता है।
सप्लीमेंट्स से बेहतर विकल्प
आपको जानकर आश्चर्य होगा कि विटामिन-सी की गोलियों में आर्टिफिशियल एस्कॉर्बिक एसिड होता है, जो आंवला की तुलना में कम पोषक तत्व प्रदान करता है। आंवला में फ्लेवोनोइड्स, पॉलीफेनोल्स और टैनिन होते हैं, जो पोषक तत्वों के अवशोषण को आसान बनाते हैं।
आंवला में विटामिन-सी की मात्रा
इम्यूनोलॉजी रिसर्च से पता चला है कि आंवला का जूस शरीर के लिए आवश्यक विटामिन-सी की आपूर्ति कर सकता है। 100ml आंवला जूस में 625–930 mg विटामिन C होता है, जबकि प्राकृतिक आंवला के जूस में 1000mg से अधिक विटामिन-सी पाया जाता है।
आंवला के अन्य लाभ
आंवला न केवल इम्यूनिटी को बढ़ाता है, बल्कि इसके अन्य फायदे भी हैं।
- आंवला में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो सूजन को कम करते हैं।
- यह त्वचा को उम्र से पहले बूढ़ा होने से बचाता है।
- आंवला का फाइबर पाचन को सुधारता है और पेट की समस्याओं को दूर करता है।
- गर्मी में यह हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन से बचाता है।
- बालों को मजबूत बनाता है और उन्हें घना और लंबा करता है।
आंवला का सेवन कैसे करें?
आंवला एक खट्टा फल है, लेकिन इसके जूस, चटनी, मुरब्बा और पाउडर फॉर्म में सेवन किया जा सकता है।
- आंवला का जूस शहद और नमक के साथ पी सकते हैं।
- चटनी में आंवला मिलाकर खा सकते हैं।
- गुड़ या चीनी डालकर मुरब्बा बना सकते हैं।
- आचार के रूप में मसालेदार आंवला खा सकते हैं।
- पाउडर को पानी या दही में मिलाकर सेवन कर सकते हैं।