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भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते की वार्ता शुरू

भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते पर वार्ता मंगलवार से शुरू हो गई है। यह तीन दिवसीय वार्ता वाणिज्य भवन में हो रही है, जिसमें दोनों पक्ष समझौते के विवरण को अंतिम रूप देने के साथ-साथ व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर भी चर्चा कर रहे हैं। अमेरिका ने भारत पर शुल्क में कटौती करने पर सहमति जताई है, जबकि भारत ने अमेरिका से 500 अरब डॉलर के उत्पाद खरीदने की योजना बनाई है। जानें इस वार्ता के प्रमुख बिंदु और व्यापार आंकड़े।
 

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता

भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते के प्रावधानों पर चर्चा करने के लिए मंगलवार को तीन दिवसीय वार्ता का आगाज हुआ। यह जानकारी एक अधिकारी ने दी। यह बातचीत वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के मुख्यालय, वाणिज्य भवन में आयोजित की जा रही है। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मुख्य वार्ताकार ब्रेंडन लिंच कर रहे हैं, जबकि भारतीय पक्ष का नेतृत्व वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त सचिव दर्पण जैन कर रहे हैं.


समझौते के विवरण पर चर्चा

अधिकारी ने बताया कि दोनों पक्ष अंतरिम समझौते के विवरण को अंतिम रूप देने के साथ-साथ व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) पर भी बातचीत को आगे बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं। फरवरी में इस समझौते की रूपरेखा तय करने की घोषणा की गई थी। 7 फरवरी को जारी एक बयान में अमेरिका ने भारत पर शुल्क को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने पर सहमति जताई थी और रूसी तेल खरीद से जुड़े 25 प्रतिशत शुल्क को भी समाप्त करने का प्रस्ताव रखा था.


अमेरिकी न्यायालय का निर्णय

हालांकि, 20 फरवरी को अमेरिकी उच्चतम न्यायालय ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए व्यापक जवाबी सीमा शुल्कों को खारिज कर दिया। इसके बाद अमेरिकी प्रशासन ने 24 फरवरी से सभी देशों पर 10 प्रतिशत का समान शुल्क लागू करने की घोषणा की। एक अधिकारी के अनुसार, इन परिवर्तनों को ध्यान में रखते हुए दोनों पक्ष समझौते की रूपरेखा की समीक्षा कर सकते हैं। इससे पहले अप्रैल में वाशिंगटन में भी बातचीत हुई थी.


भारत की खरीदारी की योजना

भारत ने अगले पांच वर्षों में अमेरिका से 500 अरब डॉलर के ऊर्जा उत्पाद, विमान, कीमती धातुएं, प्रौद्योगिकी उत्पाद और कोकिंग कोयला खरीदने की योजना बनाई है। अधिकारी ने कहा कि अमेरिकी शुल्क ढांचे में हाल के बदलावों के कारण इस समझौते में संशोधन की आवश्यकता हो सकती है, ताकि भारत को श्रीलंका, पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले शुल्क के मामले में बढ़त मिल सके.


व्यापार आंकड़े

अमेरिका, भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का अमेरिका को निर्यात 0.92 प्रतिशत बढ़कर 87.3 अरब डॉलर रहा, जबकि आयात 15.95 प्रतिशत बढ़कर 52.9 अरब डॉलर हो गया। इस दौरान व्यापार अधिशेष घटकर 34.4 अरब डॉलर रह गया, जो एक साल पहले 40.89 अरब डॉलर था.