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क्या 10,000 कदम चलना सभी के लिए सही है? जानें विशेषज्ञों की राय

क्या 10,000 कदम चलना सभी के लिए सही है? यह सवाल आजकल बहुत से लोगों के मन में है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह संख्या हर किसी के लिए उपयुक्त नहीं हो सकती। वजन और उम्र के अनुसार, अधिक कदम चलने से घुटनों पर दबाव पड़ सकता है। जानें सही वॉकिंग तकनीक और स्वास्थ्य के लिए क्या करना चाहिए।
 

टहलने का महत्व और स्वास्थ्य पर प्रभाव

इन दिनों टहलना एक लोकप्रिय व्यायाम बन गया है, जो सरलता से किसी भी उम्र के लोग कर सकते हैं। फिटनेस के प्रति जागरूक लोग अक्सर पार्कों में टहलते, जॉगिंग करते और वॉक करते नजर आते हैं। अधिकांश लोग अपने दिन में 10,000 कदम चलने का लक्ष्य रखते हैं, जिसे वे स्मार्टफोन और स्मार्टवॉच के माध्यम से ट्रैक करते हैं। लेकिन क्या यह संख्या सभी के लिए उपयुक्त है? आइए, विशेषज्ञों से जानते हैं कि क्या 10,000 कदम चलना हर किसी के लिए फायदेमंद है और क्या इससे घुटनों पर कोई नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।


क्या 10,000 कदम चलना आवश्यक है?

ऑर्थोपेडिक्स के अनुसार, कई लोग मानते हैं कि अधिक चलने से स्वास्थ्य बेहतर होता है। हालांकि, चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, 10,000 कदम चलने का कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। डॉक्टरों का कहना है कि यह एक मार्केटिंग रणनीति का हिस्सा है, जो लोगों को दिन में 10,000 कदम चलने के लिए प्रेरित करती है। विशेष रूप से, जिनका वजन अधिक है या उम्र ज्यादा है, उनके लिए अचानक इतने कदम चलना घुटनों पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है, जिससे कार्टिलेज घिसने की समस्या हो सकती है।


कदमों का जोड़ों पर प्रभाव

जब हम लंबे समय तक चलते हैं, तो हमारा पूरा वजन घुटनों पर आता है। यदि आप असुविधाजनक स्थान या गलत जूतों में चलते हैं, तो ओवरयूज़ इंजरी हो सकती है। यदि वॉक करते समय घुटनों में सूजन, दर्द या कटकट की आवाज आती है, तो यह संकेत है कि आपकी जोड़ों पर अधिक दबाव पड़ रहा है। ऐसे में 10,000 कदम चलने का लक्ष्य न रखें और डॉक्टर से सलाह लें।


सही वॉकिंग तकनीक

स्वस्थ रहने के लिए केवल कदमों की गिनती करना पर्याप्त नहीं है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आप दिन में 7,000 से 8,000 कदम चलने के साथ एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाते हैं, तो आप अधिक स्वस्थ रह सकते हैं। वॉक के साथ-साथ स्ट्रेंथ ट्रेनिंग पर ध्यान दें, जिससे मांसपेशियां मजबूत हों और जोड़ों पर कम दबाव पड़े। अच्छे जूते पहनें और कंक्रीट की जगह घास जैसी नरम सतह पर चलें, जिससे घुटनों पर कम असर पड़े।