हिंदू धर्म में विभिन्न प्रकार की मालाओं का महत्व
मालाओं का महत्व
हिंदू धर्म में पूजा-पाठ के दौरान मालाओं का विशेष स्थान होता है। कई लोग नियमित रूप से सुबह और शाम माला जपते हैं, जिससे उन्हें विभिन्न लाभ मिलते हैं। किन्हीं लाभों की प्राप्ति इस बात पर निर्भर करती है कि कौन सी माला का जाप किया जा रहा है।
सर्प की हड्डी की माला
सर्प की हड्डी से बनी माला के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। यह माला मुख्यतः साधु-संत और अघोरी बाबा द्वारा उपयोग की जाती है। इसका प्रयोग तांत्रिक क्रियाओं और साधना में किया जाता है, जिससे इच्छित फल प्राप्त होता है।
कमलगट्टे की माला
कमलगट्टे की माला पहनने से शत्रुओं का नाश होता है और दुश्मन आपको नुकसान नहीं पहुंचा पाते। इस माला का जाप करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं, जिससे धन संबंधी समस्याएं दूर होती हैं और आपके बिगड़े काम भी बन जाते हैं।
तुलसी की माला
तुलसी की माला का जाप भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। यह माला जपने से वैराग्य की भावना उत्पन्न होती है, इसलिए गृहस्थों को इसे जपने से बचना चाहिए। पद्म पुराण के अनुसार, तुलसी की माला पहनकर भोजन करना अश्वमेघ यज्ञ के फल के समान होता है। कुछ मानते हैं कि मृत्यु के समय यदि गले में तुलसी की माला हो, तो मोक्ष की प्राप्ति होती है।
रुद्राक्ष की माला
रुद्राक्ष भगवान शिव का एक अंश माना जाता है। इसे भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए जपना उचित होता है। यह माला दुख-दर्द को दूर करने में सहायक होती है।
स्फटिक की माला
स्फटिक की माला का उपयोग तांत्रिक सिद्धियों को प्राप्त करने के लिए किया जाता है। गृहस्थों को इसका उपयोग करने से बचना चाहिए।
मंत्रों का उच्चारण
जब आप किसी भी माला का जाप करते हैं, तो साथ में मंत्रों का उच्चारण भी करते हैं। कहा जाता है कि माला जपते समय मंत्रों का उच्चारण करने से गले से संबंधित रोग नहीं होते। इसलिए, आप अपने उद्देश्य के अनुसार उपरोक्त में से किसी भी माला का जाप कर सकते हैं।