श्री राम रक्षा स्तोत्र: चमत्कारी लाभ और पाठ विधि
श्री राम रक्षा स्तोत्र का महत्व
श्री राम रक्षा स्तोत्र को एक अत्यंत प्रभावशाली स्तोत्र माना जाता है। इसके पाठ से सभी प्रकार की बाधाओं का निवारण होता है। हालांकि, इसे किसी भी समय पढ़ा जा सकता है, लेकिन गुरुवार का दिन विशेष रूप से इसके लिए उपयुक्त माना जाता है। पुराणों के अनुसार, इस स्तोत्र का पाठ करने से व्यक्ति भयमुक्त रहता है और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। इसके अलावा, यह वास्तु दोषों से भी मुक्ति दिलाने में सहायक है। आइए, हम आपको राम रक्षा स्तोत्र के संपूर्ण लिरिक्स और इसे पढ़ने की विधि बताते हैं।
राम रक्षा स्तोत्र पाठ विधि
इस स्तोत्र का पाठ प्रतिदिन करना चाहिए। यदि यह संभव न हो, तो हर गुरुवार को इसका पाठ अवश्य करें।
आप इसे घर या मंदिर में कहीं भी कर सकते हैं।
यदि आप घर पर पाठ करना चाहते हैं, तो सबसे पहले भगवान राम की प्रतिमा के सामने घी का दीपक जलाएं और फिर सच्चे मन से पाठ करें।
इस स्तोत्र का 11 बार जाप करना विशेष रूप से शुभ माना जाता है।
श्री राम रक्षा स्तोत्र लिरिक्स
विनियोग:
अस्य श्रीरामरक्षास्त्रोतमन्त्रस्य बुधकौशिक ऋषिः ।
श्री सीतारामचंद्रो देवता ।
अनुष्टुप छंदः। सीता शक्तिः ।
श्रीमान हनुमान कीलकम ।
श्री सीतारामचंद्रप्रीत्यर्थे रामरक्षास्त्रोतजपे विनियोगः ।
अथ ध्यानम्:
ध्यायेदाजानुबाहुं धृतशरधनुषं बद्धपदमासनस्थं,
पीतं वासो वसानं नवकमल दल स्पर्धिनेत्रम् प्रसन्नम ।
वामांकारूढ़ सीता मुखकमलमिलल्लोचनम्नी,
रदाभम् नानालंकारदीप्तं दधतमुरुजटामण्डलम् रामचंद्रम ॥
राम रक्षा स्तोत्र के कुछ महत्वपूर्ण श्लोक
राम रक्षा स्तोत्रम्:
चरितं रघुनाथस्य शतकोटि प्रविस्तरम् ।
एकैकमक्षरं पुंसां महापातकनाशनम् ॥1॥
ध्यात्वा नीलोत्पलश्यामं रामं राजीवलोचनम् ।
जानकीलक्ष्मणोपेतं जटामुकुटमण्डितं ॥2॥
सासितूणधनुर्बाणपाणिं नक्तंचरान्तकम् ।
स्वलीलया जगत्त्रातुमाविर्भूतमजं विभुम् ॥3॥