शुक्र का गोचर 2026: जानें राशियों पर प्रभाव और उपाय
शुक्र गोचर 2026 और राशिफल
8 जून को शाम 5:42 बजे शुक्र कर्क राशि में प्रवेश करेंगे, इसके बाद 4 जुलाई को सिंह राशि में जाएंगे। शुक्र, जिसे अंग्रेजी में Venus कहा जाता है, एक स्त्री ग्रह है। इसका कारक भाव सातवां है और इसका रंग दही के समान सफेद है। शनि, बुध और केतु इसके मित्र हैं, जबकि सूर्य, चंद्रमा और राहु इसके शत्रु माने जाते हैं। मीन राशि में शुक्र उच्च और कन्या राशि में नीच होता है।
शुक्र का गोचर विभिन्न राशियों पर अलग-अलग प्रभाव डालेगा। इसके अशुभ प्रभाव से त्वचा संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। यदि आप भी ऐसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं, तो गाय से संबंधित उपाय करें और घी, दही, कपूर, मोती आदि का दान करें। आइए जानते हैं आचार्य इंदु प्रकाश से कि शुक्र आपकी जन्मपत्रिका में किस स्थान पर गोचर करेंगे और इसके शुभ फल सुनिश्चित करने के लिए क्या उपाय करने चाहिए।
मेष राशि
शुक्र आपके चौथे भाव में गोचर करेंगे, जो भवन, भूमि, वाहन और माता से संबंधित है। इस गोचर से आपको भूमि, भवन और वाहन का सुख मिलेगा। हालांकि, आपको अतिरिक्त विवाह संबंधों से बचना चाहिए। संतान सुख की प्राप्ति भी होगी। शुक्र की शुभ स्थिति सुनिश्चित करने के लिए जमीन के नीचे काला सुरमा दबाएं।
वृष राशि
शुक्र आपके तीसरे भाव में गोचर करेंगे, जो पराक्रम, भाई-बहन और यश से संबंधित है। इस दौरान भाई-बहनों के साथ रिश्तों में थोड़ी परेशानी आ सकती है। धन की कमी के बावजूद सुख की नींद में बाधा आ सकती है। शुक्र की अशुभ स्थिति से बचने के लिए अपने जीवनसाथी के साथ अच्छा व्यवहार बनाए रखें।
मिथुन राशि
शुक्र आपके दूसरे भाव में गोचर करेंगे, जो धन और स्वभाव से संबंधित है। इस गोचर से आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और आपको नए आय के साधन मिल सकते हैं। हालांकि, विरोधियों से सावधान रहना आवश्यक है। शुक्र के अशुभ फलों से बचने के लिए दो सौ ग्राम गाय का घी मंदिर में दान करें।
कर्क राशि
शुक्र आपके पहले यानी लग्न स्थान पर गोचर करेंगे। यह आपके लिए शुभ फलदायक होगा। इस दौरान आपका और आपके जीवनसाथी का स्वास्थ्य बेहतर रहेगा। नौकरी में भी सफलता मिलेगी। शुक्र की शुभ स्थिति का लाभ उठाने के लिए अपने नहाने के पानी में एक चम्मच दही डालकर स्नान करें।
सिंह राशि
शुक्र आपके बारहवें स्थान पर गोचर करेंगे, जो व्यय और शय्या सुख से संबंधित है। इस दौरान जीवनसाथी की सेहत का ध्यान रखें। गृहस्थ सुख पाने के लिए प्रयास करने होंगे। शुक्र की अशुभ स्थिति से बचने के लिए प्रतिदिन गऊ माता का आशीर्वाद लें।
कन्या राशि
शुक्र आपके ग्यारहवें स्थान पर गोचर करेंगे, जो आय और इच्छाओं की पूर्ति से संबंधित है। इस गोचर से आपकी सुंदरता बनी रहेगी और धन का लाभ मिलेगा। जीवनसाथी की सलाह से काम करने पर आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। मंदिर में चमेली का तेल दान करें।
तुला राशि
शुक्र आपके दसवें स्थान पर गोचर करेंगे, जो करियर और पिता से संबंधित है। इस दौरान आपको करियर में सफलता मिलेगी और पिता का सहयोग प्राप्त होगा। मंदिर में दही या दही से बनी चीज का दान करें।
वृश्चिक राशि
शुक्र आपके नवें स्थान पर गोचर करेंगे, जो भाग्य से संबंधित है। मेहनत से धन लाभ होगा और संतान सुख प्राप्त होगा। शुक्र की शुभ स्थिति सुनिश्चित करने के लिए काली या लाल गाय की सेवा करें।
धनु राशि
शुक्र आपके आठवें स्थान पर गोचर करेंगे, जो आयु से संबंधित है। इस दौरान जीवनसाथी की बातों का पालन करें। शत्रुओं को परास्त करने के लिए उठाए गए कदम कारगर साबित होंगे। मंदिर में जाकर सिर झुकाना चाहिए।
मकर राशि
शुक्र आपके सातवें स्थान पर गोचर करेंगे, जो जीवनसाथी से संबंधित है। इस दौरान आपके स्वभाव में नरमी आएगी और सुख की प्राप्ति होगी। माता-पिता का आशीर्वाद लें।
कुंभ राशि
शुक्र आपके छठे स्थान पर गोचर करेंगे, जो मित्र, शत्रु और स्वास्थ्य से संबंधित है। भाई-बंधुओं का सहयोग मिलेगा, लेकिन संतान पक्ष से लाभ नहीं होगा। घर की महिला अपने बालों में सोने के रंग का हेयर क्लिप लगाकर रखें।
मीन राशि
शुक्र आपके पांचवे स्थान पर गोचर करेंगे, जो संतान, बुद्धि और रोमांस से संबंधित है। धर्म के प्रति आस्था बढ़ेगी। मंदिर या धर्मस्थल पर दूध का दान करें।