शनि जयंती पर हनुमान पूजा: समस्याओं से मुक्ति का उपाय
शनि जयंती पर हनुमान पूजा का महत्व
शनिदेव को न्याय का देवता माना जाता है। इस विशेष दिन पर भक्तजन शनिदेव की पूजा करते हैं, ताकि वे जीवन में चल रही समस्याओं, आर्थिक संकट, बीमारियों और शनि दोष से मुक्ति पा सकें।
हनुमान जी की पूजा विधि
शनि जयंती के दिन सुबह स्नान करने के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनें। फिर हनुमान जी के मंदिर जाकर चमेली का तेल, सिंदूर, लाल फूल और गुड़चना अर्पित करें। इस दिन हनुमान जी को लाल या नारंगी चोला चढ़ाना भी शुभ माना जाता है।
इसके बाद हनुमान चालीसा, बजरंग बाण या सुंदरकांड का पाठ करना लाभकारी होता है। शाम को सरसों के तेल का दीपक जलाकर शनिदेव और हनुमान जी की आरती करें। जरूरतमंदों को काले तिल, उड़द दाल, तेल या भोजन का दान करना भी महत्वपूर्ण है।
पीपल के नीचे दीपक जलाने का महत्व
शनि जयंती की रात को पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाना चाहिए। इसके लिए सरसों के तेल का उपयोग करें। दीपक जलाने के बाद 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' का जप कम से कम 108 बार करें। इसके बाद बिना पीछे मुड़े अपने घर लौटना चाहिए। इस उपाय से शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से मुक्ति मिलती है।
शनि का टोटका
शनि जयंती की रात को एक काले कपड़े में काले तिल, एक कील और एक सिक्का बांधकर अपने सिर पर सात बार वारकर, इसे घर के किसी अंधेरे कोने में रखें। ध्यान रखें कि इसे 24 घंटे से अधिक घर में न रखें, बल्कि इसे किसी शनि या हनुमान मंदिर में रख दें।