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यात्रा पर निकलने से पहले जानें ये संकेत

यात्रा पर निकलने से पहले कई संकेत होते हैं जो आपकी यात्रा की सफलता या विफलता का संकेत देते हैं। जानें कि छींक, कुत्ते का भौंकना, और बिल्ली का रास्ता काटना जैसे संकेतों का क्या अर्थ है और इनसे बचने के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं। ज्योतिषाचार्य के अनुसार, इन संकेतों को समझकर और कुछ सरल उपाय करके आप यात्रा में आने वाली बाधाओं से बच सकते हैं।
 

यात्रा के संकेत और उपाय


सनातन धर्म की जड़ें बहुत गहरी हैं। हमारे पूर्वजों ने मानव जीवन के हर पहलू को समझा है। यात्रा पर जाने से पहले मिलने वाले संकेतों से यात्रा की सफलता या विफलता का अनुमान लगाया जा सकता है। आज भी कई लोग पंचांग में चौघड़िया देखकर शुभ कार्य करते हैं। राहु काल में यात्रा को वर्जित मानते हैं या फिर कुछ उपाय करके ही यात्रा करते हैं। आइए जानते हैं यात्रा पर निकलते समय कौन से संकेत आपको सावधान करते हैं। ज्योतिषाचार्य पं. नीरू शास्त्री और शकुन विचार विशेषज्ञ अंबिका प्रसाद शुक्ला के अनुसार इन संकेतों को समझकर और छोटे उपाय करके आने वाले संकट से बचा जा सकता है।


छींक का आना


यदि आप घर से बाहर निकलते हैं और अचानक छींक आती है, तो इसे अपशगुन माना जाता है। इस स्थिति में घबराने की आवश्यकता नहीं है। कुछ समय के लिए रुकें और दो घूंट पानी पीकर यात्रा पर निकलें, इससे यह दोष टल जाएगा।


किसी का टोंकना


कहा जाता है कि जब कोई व्यक्ति यात्रा पर निकलता है, तो उसे पीछे से नहीं टोंकना चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से यात्रा में असफलता मिलती है। इस अपशगुन से बचने के लिए तुरंत अपने इष्ट देवता का स्मरण करें और दो घूंट पानी पीकर अपने लक्ष्य की ओर बढ़ें।


कुत्ते का भोंकना


यदि आप किसी जरूरी काम के लिए निकलते हैं और अचानक कोई कुत्ता भौंकने लगे, तो यह कार्य में बाधा का संकेत है। इस पर डरने की आवश्यकता नहीं है, भगवान विट्ठल का स्मरण करें और आगे बढ़ें। एक चम्मच शहद या दही का सेवन करके यात्रा पर निकलें।


दूध का गिरना


यदि यात्रा पर जाते समय घर में दूध उफन जाए या बिल्ली दूध पी जाए, तो यह अपशगुन का संकेत है। इससे भयभीत न हों। भगवान शिव को दूध और जल मिलाकर चढ़ाएं और यात्रा पर जाएं।


बिल्ली का रास्ता काटना


यात्रा के दौरान यदि बिल्ली का रास्ता काटती है, तो इसे अपशगुन माना जाता है। इससे डरने की आवश्यकता नहीं है। कुछ कदम पीछे हटें, पीछे मुंह करके 24 बार गहरी सांस लें और फिर अपने इष्ट का स्मरण करके आगे बढ़ें।


गाय का रंभाना


यदि गाय लगातार रंभाती है, तो यह यात्रा के लिए अशुभ संकेत है। यदि यात्रा आवश्यक है, तो गाय को ग्रास खिलाकर और भगवान गिरधर गोपाल का स्मरण करके निकलें।


लोमड़ी का मिलना


यदि यात्रा पर जाते समय सियार या लोमड़ी रास्ता काट दे, तो इसे अशुभ मानें। ऐसे में कम से कम 20 मिनट रुककर अपने गुरु का स्मरण करें।


कर्कशा नारी और विक्षिप्त


यात्रा पर जाते समय यदि कर्कश स्वभाव की महिला या विक्षिप्त व्यक्ति मिले, तो यात्रा रोक दें। पानी पीकर या गाय के दर्शन करके यात्रा का शुभारंभ करें।


यह भी हैं अशुभ संकेत


– सूखे पेड़ पर तोता बोलता दिखाई देना।


– उल्लू का बाईं तरफ बोलना।


– स्वप्न में बिल्ली का ऊपर गिरना।


– रास्ते में खाली बर्तन का मिलना।


– सड़ी-गली सब्जी या फल दिखना।


दुष्प्रभाव से बचने के उपाय


– गुरु मंत्र का मन में जाप करना


– यथा संभव तिल का दान


– घर में वापस जाकर पानी पीकर निकलना


– जूते-चप्पल बदल कर निकलना


– गाय को ग्रास देकर या फिर मंदिर में दर्शन करके आगे के लिए प्रस्थान करना


– सौभाग्यवती स्त्री या कन्या को प्रणाम करके आगे बढ़ना।


– घर से मीठा मुंह करके यात्रा पर रवाना होना।