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मई एकादशी 2026: अपरा एकादशी का महत्व और पूजा विधि

अपरा एकादशी, जिसे अजला एकादशी भी कहा जाता है, का महत्व अत्यधिक है। इस दिन व्रत करने से व्यक्ति को धन, सम्मान और समृद्धि प्राप्त होती है। जानें कि मई में यह एकादशी कब मनाई जाएगी, इसकी पूजा विधि और इस दिन क्या विशेष करना चाहिए।
 

मई एकादशी 2026: अपरा एकादशी का महत्व

अपरा एकादशी, जिसे अजला एकादशी भी कहा जाता है, का महत्व अत्यधिक है। इस दिन व्रत करने से व्यक्ति को धन, सम्मान और समृद्धि प्राप्त होती है। इसके साथ ही, यह एकादशी सभी पापों से मुक्ति दिलाने का भी दावा करती है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा तुलसी, चंदन, कपूर और गंगाजल से की जाती है। इस व्रत को रखने से व्यक्ति जन्म और मृत्यु के चक्र से भी मुक्त हो जाता है। आइए जानते हैं कि मई में यह एकादशी कब मनाई जाएगी।


मई की पहली एकादशी कब है

मई की पहली एकादशी 13 तारीख को मनाई जाएगी। इस दिन पारण का समय सुबह 05:31 से 08:14 बजे तक रहेगा। द्वादशी समाप्त होने का समय सुबह 11:20 बजे है।


अपरा एकादशी पूजा विधि

अपरा एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर घर की सफाई करें और स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें। फिर घर के मंदिर में भगवान विष्णु की मूर्ति के सामने घी का दीपक जलाएं। भगवान को अक्षत, फूल, आम, नारियल और सूखे मेवे अर्पित करें। एकादशी की कथा सुनें और भगवान की आरती करें। सूर्य देव को जल चढ़ाएं और शाम को तुलसी के पौधे के पास दीपक जलाएं। अगले दिन व्रत का पारण करें।


अपरा एकादशी पर क्या करें

इस दिन 'ओम नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करें। भगवान विष्णु की सच्चे मन से आराधना करें और दान अवश्य करें। सूर्य देव को अर्घ्य चढ़ाएं और तुलसी जी की पूजा करें। जरूरतमंदों को भोजन कराएं और फलाहारी भोजन का सेवन करें। भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी की पूजा भी करें।