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खाटू श्याम जी की तस्वीर लगाने के लिए वास्तु टिप्स

खाटू श्याम जी की तस्वीर लगाने के लिए सही दिशा और पूजा विधि जानना महत्वपूर्ण है। इस लेख में हम जानेंगे कि तस्वीर को किस दिशा में लगाना चाहिए, किन स्थानों पर इसे नहीं लगाना चाहिए, और पूजा के दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। सही दिशा में तस्वीर लगाने से भक्तों को बाबा श्याम की कृपा प्राप्त होती है।
 

खाटू श्याम जी की पूजा और तस्वीर लगाने के महत्व

खाटू श्याम जी के भक्तों के लिए यह केवल एक जयकारा नहीं है, बल्कि उनके प्रति गहरा विश्वास है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, जो भी व्यक्ति खाटू श्याम बाबा की शरण में जाता है, वह कभी भी खाली हाथ नहीं लौटता। उनकी अधूरी इच्छाएं शीघ्र ही पूरी हो जाती हैं। प्रतिदिन हजारों भक्त खाटू श्याम जी के दरबार में हाजिरी लगाने आते हैं। जो लोग वहां नहीं जा पाते, वे अपने घर पर ही बाबा श्याम की पूजा करते हैं। लेकिन ध्यान रखें कि खाटू श्याम जी की तस्वीर सही दिशा में लगाना आवश्यक है, अन्यथा आपको इसका पूरा लाभ नहीं मिलेगा।


घर में खाटू श्याम जी की तस्वीर लगाने की सही दिशा

वास्तु शास्त्र के अनुसार, खाटू श्याम की तस्वीर लगाने के लिए घर का ईशान कोण सबसे शुभ और फलदायी होता है। यह दिशा देवी-देवताओं का स्थान माना जाता है। इसके अलावा, आप उत्तर या पूर्व दिशा की दीवार पर भी श्याम बाबा की तस्वीर लगा सकते हैं। खाटू श्याम जी की तस्वीर को मंदिर या पूजा घर में लगाना चाहिए, बस दिशा का ध्यान रखें।


इन स्थानों पर खाटू श्याम की तस्वीर न लगाएं

खाटू श्याम जी की तस्वीर शयनकक्ष या रसोई के पास नहीं लगानी चाहिए। इसके अलावा, सीढ़ियों के नीचे भी इसे नहीं रखना चाहिए। खाटू श्याम भगवान की तस्वीर या मूर्ति को कभी जमीन पर नहीं रखना चाहिए। बेसमेंट या बाथरूम से सटी दीवार पर भी बाबा श्याम की फोटो नहीं लगानी चाहिए। खाटू श्याम जी की तस्वीर ऐसी होनी चाहिए जिसमें वे मुस्कुराते हुए और सौम्य रूप में हों।


पूजा के दौरान ध्यान रखने योग्य बातें

  • बाबा श्याम की तस्वीर के आसपास गंदगी या कबाड़ न जमा होने दें।
  • रोजाना सुबह और शाम मंदिर की सफाई करें।
  • खाटू श्याम जी को रोजाना फूल, चंदन, धूप, दीप और प्रसाद अर्पित करें।
  • घर में स्थापित बाबा श्याम की मूर्ति या तस्वीर के सामने रोजाना सुबह और शाम को घी का दीपक जलाएं।
  • पूजा के समय ॐ श्री श्याम देवाय नमः मंत्र का जाप करें।
  • यदि संभव हो तो बाबा को पंचामृत, पेड़ा या चूरमे का भोग लगाएं।