केरल का रहस्यमय पद्मनाभस्वामी मंदिर और उसका सातवां दरवाजा
केरल का पद्मनाभस्वामी मंदिर न केवल अपनी भव्यता के लिए जाना जाता है, बल्कि इसके सातवें दरवाजे के रहस्य के लिए भी। इस दरवाजे के खुलने पर प्रलय आने की मान्यता है, जिससे यह और भी रहस्यमय बन गया है। जानें इस मंदिर की संपत्ति, इतिहास और इसके रहस्यमय दरवाजे के बारे में।
Jun 9, 2026, 20:50 IST
पद्मनाभस्वामी मंदिर का रहस्य
प्राचीन मंदिरों में अक्सर रहस्यमय कहानियाँ और मान्यताएँ जुड़ी होती हैं। केरल के तिरुवनन्तपुरम में स्थित एक ऐसा ही मंदिर है, जिसे पद्मनाभस्वामी मंदिर के नाम से जाना जाता है। इस मंदिर का सातवां दरवाजा खुलने पर प्रलय आने की मान्यता है।
आइए जानते हैं इस मंदिर के बारे में कुछ महत्वपूर्ण बातें:
- यह मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है।
- भगवान विष्णु की प्रतिमा गर्भगृह में शेषनाग पर शयन अवस्था में विराजमान है।
- यह मंदिर दुनिया के सबसे धनी मंदिरों में से एक माना जाता है, जिसकी कुल संपत्ति लगभग 1,32,000 करोड़ रुपये है।
- त्रावणकोर में 1947 तक राजाओं का शासन था, और भारत के स्वतंत्र होने के बाद भी इस मंदिर पर सरकार का अधिकार नहीं था।
- मंदिर की देखभाल शाही परिवार द्वारा एक निजी संस्था के माध्यम से की जाती है।
- जनता की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने 6 द्वार खोलने की अनुमति दी, जिनसे भारी मात्रा में सोने के जेवरात निकले।
- हालांकि, सातवां दरवाजा रहस्यमय बना हुआ है, और इसे खोलने पर प्रलय आने की चेतावनी दी जाती है।
- इस दरवाजे पर कोई कुंडी नहीं है, बल्कि दो सर्पों का चित्रण है, जो इसे सुरक्षा प्रदान करते हैं।
- इस दरवाजे को खोलने के लिए विशेष मंत्र का उच्चारण आवश्यक है, और गलत उच्चारण से गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
- त्रावणकोर राजपरिवार के मुखिया ने कहा है कि इस दरवाजे को खोलने से देश में प्रलय आ सकता है, इसलिए इसे बंद रखना ही उचित है।
प्राचीन वस्तुओं को रहस्यमय तरीकों से सुरक्षित रखा जाता था, ताकि उनका दुरुपयोग न हो। इस प्रकार, सातवें दरवाजे के रहस्य को जानने की इच्छा तो सभी की है, लेकिन इसे छेड़ना अनुचित होगा।