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अधिक मास में तुलसी पूजन का महत्व और विशेष उपाय

अधिक मास में तुलसी पूजन का विशेष महत्व है। इस दौरान एक खास उपाय करने से न केवल घर में सुख-शांति आती है, बल्कि मां लक्ष्मी की कृपा भी प्राप्त होती है। जानें कैसे एक विशेष वस्तु अर्पित करने से आपकी बंद किस्मत के ताले खुल सकते हैं। इसके अलावा, शाम के समय किए जाने वाले उपाय और कुछ महत्वपूर्ण बातें भी जानें, जो इस पूजा को और प्रभावी बनाती हैं।
 

अधिक मास तुलसी पूजन का महत्व

अधिक मास तुलसी पूजन: तुलसी का पौधा भगवान विष्णु के लिए अत्यंत प्रिय माना जाता है, इसलिए अधिक मास में इसकी पूजा का महत्व और भी बढ़ जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यदि इस महीने में आप तुलसी पर एक विशेष वस्तु अर्पित करते हैं, तो इससे आपके घर में सुख-शांति का वास होगा और मां लक्ष्मी की कृपा भी प्राप्त होगी। आइए जानते हैं उस विशेष वस्तु के बारे में, जिसे अधिक मास में तुलसी पर चढ़ाने से आपकी बंद किस्मत के ताले खुल सकते हैं।


तुलसी पर चढ़ाने के लिए विशेष वस्तु

अधिक मास के किसी भी दिन (रविवार और एकादशी को छोड़कर) सुबह स्नान के बाद एक तांबे के लोटे में साफ जल लें और उसमें थोड़ा कच्चा दूध और एक चुटकी हल्दी मिलाएं। इसके बाद, इस जल को मन में मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए तुलसी के पौधे पर अर्पित करें। ऐसा करने से गुरु ग्रह मजबूत होता है, जिससे धन-धान्य में वृद्धि होती है।


शाम का अचूक उपाय

सुबह तुलसी में दूध मिश्रित जल अर्पित करने के बाद, शाम को पौधे के पास गाय के घी का दीपक जलाना न भूलें। दीपक के नीचे कुछ अक्षत भी रखें। दीपक जलाते समय 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करें। इस उपाय से घर में मां लक्ष्मी का स्थायी वास होता है।


ध्यान रखने योग्य बातें

  • तुलसी के पौधे को रविवार और एकादशी के दिन न छुएं और न ही इन दिनों में जल चढ़ाएं। इन दिनों माता तुलसी भगवान विष्णु के लिए व्रत रखती हैं।
  • यदि अधिक मास में तुलसी का पौधा सूख गया है, तो उसे हटा कर नया पौधा लगाएं। सूखा हुआ तुलसी का पौधा घर में वास्तु दोष लाता है।