×

अधिक मास में जन्मे बच्चों की विशेषताएँ और स्वभाव

इस लेख में हम अधिक मास में जन्मे बच्चों की विशेषताओं और स्वभाव के बारे में जानेंगे। धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस समय में जन्मे बच्चों का व्यक्तित्व कैसा होता है, यह जानने के लिए पढ़ें। क्या ये बच्चे सच में जिज्ञासु, साहसी और क्रिएटिव होते हैं? जानें उनके बारे में और अधिक जानकारी।
 

अधिक मास में जन्मे बच्चों का महत्व

अधिक मास में जन्मे बच्चों की विशेषताएँ: धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से 2026 का ज्येष्ठ मास विशेष महत्व रखता है। इस बार यह मास पूरे दो महीने तक रहेगा, जो अधिक मास के संयोग के कारण है। इसे मलमास भी कहा जाता है।

Adhik Maas: अधिकमास में जन्में बच्चों पर होती है भगवान विष्णु की विशेष कृपा, जानिए कैसे होते हैं ये बच्चे

पंचांग के अनुसार, इस वर्ष अधिक मास 17 मई से 15 जून तक रहेगा। मान्यता है कि इस अवधि में जन्मे बच्चे प्रकृति से जुड़ाव रखते हैं और अक्सर जीवन में आगे रहते हैं।

इसलिए, इनका व्यक्तित्व भी कुछ खास होता है। आइए ज्योतिषाचार्य डॉ. आरती दहिया से जानते हैं कि अधिक मास में जन्मे बच्चों की पर्सनैलिटी कैसी होती है।

अधिक मास में जन्मे बच्चों का स्वभाव

  • धार्मिक प्रवृत्ति

ज्योतिष और वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, अधिक मास में जन्मे बच्चे धार्मिक प्रवृत्ति के होते हैं। बचपन से ही इनका धर्म के प्रति विशेष झुकाव होता है। ये ईमानदार और दिल के साफ होते हैं, और कभी किसी को नुकसान नहीं पहुँचाते।

  • जिज्ञासु स्वभाव

कहा जाता है कि अधिक मास में जन्मे बच्चे जिज्ञासु होते हैं। उन्हें नई चीजें सीखने का शौक होता है, जो उन्हें एक ज्ञानी बनाता है।

  • साहसी और निडर

ज्योतिष के अनुसार, ये बच्चे साहसी और निडर होते हैं। जीवन की चुनौतियों का सामना करने में ये कभी पीछे नहीं हटते और हमेशा जीतने का प्रयास करते हैं।

  • शांत और धैर्यवान

अधिक मास में जन्मे बच्चे शांत और धैर्यवान होते हैं। ये सोच-समझकर निर्णय लेते हैं और विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य नहीं खोते।

  • क्रिएटिव माइंड

इस महीने में जन्मे बच्चे बहुत क्रिएटिव होते हैं। संगीत, चित्रकला या लेखन जैसे क्षेत्रों में इनकी गहरी रुचि होती है।