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‘इश्क करो पार्टी’ का उदय: एक नई राजनीतिक पहल

‘इश्क करो पार्टी’ का उदय एक नई राजनीतिक पहल के रूप में हुआ है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में है। यह पार्टी 'कॉकरोच जनता पार्टी' के बाद आई है और इसके पीछे की कहानी भी दिलचस्प है। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने इसे लॉन्च किया है, जो पहले 'कॉकरोच जनता पार्टी' की आलोचना कर चुके थे। जानें इस पार्टी का एजेंडा क्या है और कैसे यह भारत में सामाजिक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
 

नई पार्टी का आगाज़


नई दिल्ली: 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के बाद अब 'इश्क करो पार्टी' (IKP) चर्चा का विषय बन गई है। यह पार्टी भी सीजेपी की तरह सोशल मीडिया पर उभरी है। हाल के दिनों में, विशेषकर एक्स प्लेटफॉर्म पर, 'इश्क करो पार्टी' की काफी चर्चा हो रही है। लोग इस पार्टी को ज्वाइन करने के लिए सोशल मीडिया पर अपील कर रहे हैं।


पार्टी की स्थापना

यह पार्टी सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्य कांत द्वारा बेरोजगार युवाओं के लिए 'कॉकरोच' शब्द के इस्तेमाल के बाद बनी। अमेरिका में पढ़ाई कर रहे छात्र अभिजीत दीपके ने इंस्टाग्राम पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' का पेज बनाया, जो एक सप्ताह में 20 मिलियन फॉलोअर्स तक पहुंच गया। हालांकि, इसका एक्स अकाउंट राष्ट्रीय सुरक्षा के खतरे के कारण डिलीट कर दिया गया। अब अभिजीत दीपके भारत लौट आए हैं और विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शन कर रहे हैं।


पूर्व जस्टिस का नया कदम

दिलचस्प बात यह है कि सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस मार्कंडेय काटजू, जिन्होंने पहले 'कॉकरोच जनता पार्टी' की आलोचना की थी, अब 'इश्क करो पार्टी' को लॉन्च कर चुके हैं। उन्होंने अभिजीत को 'बेवकूफ' कहा था, लेकिन अब वे खुद इसी तरह की पार्टी लेकर आए हैं।


पार्टी का एजेंडा

'इश्क करो पार्टी' का एजेंडा भी स्पष्ट है। पूर्व जस्टिस काटजू ने कहा कि यह पार्टी भारत में गरीबी, कुपोषण और बेरोजगारी जैसी समस्याओं से लड़ने के लिए एकता की आवश्यकता पर जोर देती है। उन्होंने जाति, धर्म और नस्ल से ऊपर उठकर सभी के लिए प्यार रखने की बात की।


महुआ मोइत्रा को ऑफर

पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हलचल के बीच, काटजू ने महुआ मोइत्रा को 'इश्क करो पार्टी' में शामिल होने का ऑफर दिया। उन्होंने कहा कि अगर महुआ बीजेपी में शामिल होती हैं, तो यह कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी।