होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की कड़ी नाकाबंदी के बावजूद निकलने के तरीके
होर्मुज में जहाजों की स्थिति
जंग के चलते होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिका और ईरान की ओर से कड़ी नाकाबंदी की गई है। ईरान ने इस क्षेत्र में 20 से अधिक पानी के नीचे के माइंस बिछा दिए हैं। इसके बावजूद, जहाज वहां से तेजी से निकल रहे हैं। वास्तव में, फारस की खाड़ी में फंसे जहाजों के कप्तान अमेरिका और ईरान की निगाहों में धूल झोंककर आसानी से बाहर निकल रहे हैं। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, होर्मुज से गुजरने के लिए फारस की खाड़ी में मौजूद जहाज पांच विभिन्न तरीकों का उपयोग कर रहे हैं।
इन तरीकों का उपयोग करते हुए अब तक 20 जहाज होर्मुज से बाहर निकल चुके हैं। हालांकि, कुछ जहाज ईरान और अमेरिका के नियंत्रण में फंस गए हैं। वर्तमान में होर्मुज में तीन जहाज फंसे हुए हैं, जिनमें से दो को ईरान ने अपने कब्जे में लिया है, जबकि एक को अमेरिका ने।
जहाजों के निकलने के तरीके
कैसे निकल रहे हैं जहाज, 3 मुख्य बिंदु
1. रिपोर्ट के अनुसार, एक साथ 3-4 जहाज गठबंधन बनाकर होर्मुज से बाहर निकल रहे हैं, जिससे कोई बड़ा हमला न हो सके। होर्मुज या उसके आसपास केवल नावों के माध्यम से हमले किए जा रहे हैं। अमेरिका ने युद्धपोत तैनात किए हैं, लेकिन उनका उपयोग नहीं किया जा रहा है।
2. जहाज के कप्तान अपनी लोकेशन को बंद कर रहे हैं और रडार से अपना कनेक्शन काट रहे हैं। इस कारण किसी को भी जहाज की वास्तविक स्थिति का पता नहीं चल पाता, जिससे वे आसानी से होर्मुज को पार कर रहे हैं।
3. होर्मुज से निकलने के लिए कप्तान समय को प्राथमिकता दे रहे हैं। अधिकांश कप्तान देर रात जहाज को चालू कर रहे हैं, जिससे कम दृश्यता में जहाज का पता नहीं लगाया जा सके। इसके अलावा, जहाजों को तेजी से चलाया जा रहा है ताकि नावें उन्हें पकड़ न सकें।
एशियाई देशों के जहाजों की आवाजाही
होर्मुज में अधिकांश जहाज एशियाई देशों के हैं
रिपोर्ट के अनुसार, होर्मुज से निकलने वाले अधिकांश जहाज एशियाई देशों के हैं। यूरोप और अमेरिका के जहाज होर्मुज में पीछे हट गए हैं और वे जोखिम नहीं लेना चाहते। दूसरी ओर, ईरान के टैंकर भी होर्मुज में सक्रिय हैं, जिन्हें अमेरिका ट्रेस नहीं कर पा रहा है।
ईरान के अधिकांश जहाज चीन से आ रहे हैं, जो मिसाइल निर्माण के लिए सामग्री ईरान को भेज रहे हैं। इसके अलावा, चीन से ईरान के लिए खाद्य सामग्री भी आ रही है। दूसरी ओर, फारस की खाड़ी से निकलने वाले जहाजों पर तेल और गैस लदी होती है।